नई दिल्ली। गैंगरेप पीड़िता की मौत के मामले में जेल गए चारों आरोपियों के माता-पिता न्याय के लिए पहली बार मीडिया के सामने आ गए हैं। उन्होंने योगी सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। कहा कि अगर उनके बेटे दोषी हैं तो उन्हें चौराहा पर खड़ा करके गोली मार दी जाए। उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। हाथरस गगैंगरेप के आरोप में जेल गये रामू के पिता का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है। मुकदमा दर्ज होने के दो दिन बाद पुलिस उन्हें और बेटे को थाने ले गई। बीस सितम्बर को दोनों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। उनके बेटे के खिलाफ कोई एनसीआर तक दर्ज नहीं है। जिस दिन की घटना बताई जा रही है। उस समय बेटा ड्यूटी पर था। बेटी की मौत का मुझे भी अफसोस है, लेकिन घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बूलगढ़ी कांड के हाथरस पुलिस ट्विीटर पर बेहद व्यस्त नजर आ रही है। दिन भर मीडिया सेल लोगों के ट्वीट का जवाब देने में व्यस्त है। प्रतिदिन की घटना का अलग अलग जवाब दिया जा रहा है। एसपी ने जनपद में अलग से मीडिया सेल स्थापित कर रखी है। जोकि हाथरस पुलिस की हर कामयाबी के बारे में अपडेट करती है। मगर 14 सितम्बर के बाद से पुलिस अपनी कामयाबी के बारे में मीडिया सेल पर कुछ ज्यादा अपडेट नहीं कर पा रही है,क्योंकि पुलिस के अधिकारियों को खुद मालूम नही हो पा रहा है उनके पास कितने ट्वीट आ चुके है। जो लोग ट्वीट करते समय हाथरस पुलिस को टैंग नहीं करते है। उन ट्वीटों के बारे में पुलिस को पता नहीं चल पाता है। वैसे बूलगढ़ी कांड में पुलिस अब तक करीब दस हजार से अधिक लोगों को जबाव दे चुकी है। ट्वीट का सिलसिला लगातार जारी है।














