एएसजी सत्यपाल जैन ने खारिज की जस्टिस लिब्रहान की टिप्पणी
नई दिल्ली। एडिशनल सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) सत्यपाल जैन ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने अयोध्या में 1992 में विवादित ढांचा गिराने की जिम्मेदारी लेने संबंधी बयान कभी नहीं दिया था। जैन ने इस संबंध में न्यायमूर्ति एमएस लिब्रहान की ओर से की गई टिप्पणी की खबरों को भी खारिज किया। एएसजी ने कहा, ‘प्रिंट मीडिया में प्रकाशित न्यायमूर्ति एमएस लिब्रहान का वह बयान सच नहीं है, जिसमें कहा गया है कि ‘उमा भारती ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की जिम्मेदारी ली थी।
उन्होंने कहा, ‘लिब्रहान आयोग के सम्मुख आडवाणी जी, जोशी जी और उमा भारती जी के वकील के रूप में पेश होने के चलते 14 साल तक आयोग ने जो भी बयान दर्ज किए हैं, मैं उनका साक्षी रहा हूं। जैन ने सिलसिलेवार ट्वीट कर यह भी कहा कि भारती ने विध्वंस की जिम्मेदारी लेने का कभी कोई बयान नहीं दिया था। चंडीगढ़ से पूर्व सांसद जैन ने कहा, वास्तव में उन्होंने कहा था कि आडवाणी जी ने उन्हें भेजा ताकि भीड़ को ढांचा तोड़ने से रोका जा सके, लेकिन कारसेवकों ने उन्हें वापस भेज दिया। न्यायमूर्ति लिब्रहान ने एक दैनिक को बताया था कि उन्हें षड्यंत्र का पता चला था।














