मुंबई। माओवादी लिंक वाली एल्गर परिषद के मामले में आरोपी आनंद तेलतुंबड़े की पत्नी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। याचिका में तेलतुंबड़े की पत्नी रमा ने तलोजा जेल के सुपरिटेंडेंट पर अपने पति की तरफ से परिजनों और वकीलों को लिखे पत्र रोकने या देर से भेजने का आरोप लगाया। बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जमादार की खंडपीठ ने इस याचिका की एक प्रति राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वकील को सौंपने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। रमा तेलतुंबड़े ने एडवोकेट आर. सत्यनारायण के जरिये पिछले सप्ताह दाखिल याचिका में कहा कि जेल सुपरिटेंडेंट इस साल मार्च में मेरे पति के एक लेख लिखने के बाद से यह काम कर रहा है। इस लेख में आनंद तेलतुंबड़े ने केंद्र सरकार की कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का निजीकरण करने की योजना के बारे में लिखा था, जिसे कारवां पत्रिका ने प्रकाशित किया था। याचिका में दावा किया है कि जेल सुपरिटेंडेंट तलोजा जेल में ही बंद इस मामले में आनंद के सह आरोपियों के पत्रों को भी इसी तरह रोक रहा है।














