जौनपुर। अफगानिस्तान की सत्ता पर फिर से तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां हालात बेकाबू हैं। लोग किसी भी तरह अपनी जान बचाकर अफगानिस्तान छोड़ने की कोशिश में हैं। भारत की ओर से अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को लाने की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन अब भी बहुत से भारतीय हैं जो वहां फंसे हुए हैं।
उन्हीं में से जौनपुर के रहने वाले मंयक सिंह है। काबुल के स्टील प्लांट में जनरल मैनेजर के पद पर तैनात मयंक सिंह अब तक भारत नहीं आ सके हैं। जौनपुर में उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है।वहां मयंक की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
वहीं मयंक रोज फोन कर घरवालों को अपने सुरक्षित होने की जानकारी दे रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद उनके माता-पिता और पत्नी, बच्चों को चिंता सताए रहती है।
काबुल की खान स्टील्स लिमिटेड में मयंक ने 2016 में नौकरी शुरू की थी। ये स्टील प्लांट काबुल एयरपोर्ट के पास ही है। मयंक के अलावा 27 और भारतीय भी प्लांट में नौकरी करते हैं। पिता सत्य प्रकाश सिंह बताते हैं कि उनका बेटा मयंक नवंबर 2020 में भारत आने वाला था, लेकिन कोरोना के चलते आ नहीं सका। इसके बाद इसी साल जून में भी उसने लौटने की कोशिश की, लेकिन कंपनी वालों ने प्रमोशन देकर रोक लिया।

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