कोरोना l वायरस के मरीज मध्यप्रदेश में बीते 28 सितंबर से लगातार कम होने के बाद अब पिछले छह दिन से फिर बढ़ने लगे है। दो नवंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों में 635 मरीज मिले थे, जबकि सात मरीजों की मौत हुई थी। इसके बाद से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते हुए सात नवंबर को 865 हो गई, जबकि 13 मरीजों की मौत हुई है। राज्य सरकार के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार संक्रमण दर हफ्ते भर से 3 फीसद से नीचे थी, लेकिन शनिवार को 3.2 फीसद पर पहुंच गई। मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से स्वास्थ विभाग में फिर चिंता बढ़ गई है। एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया पहले ही कह चुके हैं कि ठंड गहराने के साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ मौतों का आंकड़ा भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। हमीदिया अस्पताल के छाती व श्वास रोग विभाग के एचओडी डॉ. लोकेंद्र दवे ने बताया कि ठंड में सभी तरह के वायरस से होने वाले संक्रमण बढ़ते हैं। कोरोना भी वायरस से होने वाली बीमारी है। इस वजह से आशंका है कि कोरोना के मरीज भी बढ़ेंगे। सरकार से ज्यादा जिम्मेदारी आम लोगों की है कि वह मास्क लगाएं और दूसरों से कम से कम छह फीट की दूरी बनाएं तो कोरोना के संक्रमण से बचे रहेंगे। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा शनिवार को तीन हजार के ऊपर पहुंच गया। अब तक प्रदेश में 3017 मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में सबसे कम एक-एक मरीज की मौत अभी तक निवाड़ी और डिंडोरी जिले में हुई है। सबसे ज्यादा 690 मरीजों की मौत इंदौर में और 488 मरीजों की मौत भोपाल में हुई है। नवंबर में प्रदेश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज भोपाल में मिल रहे हैं। प्रदेश में अब तक की औसत मृत्यु दर 1.7 है। हालांकि सुकून की बात यह है कि अक्टूबर में यह दर डेढ़ फीसद से नीचे रही। बीते सात नवंबर को 865 पॉजिटिव पाए गए वहीं 13 लोगों की मौत हो गई है। 6 नवंबर को 779 पॉजिटिव पाए गए तो वहीं 12 मौतें हुई। 5 नवंबर को 734 पॉजिटिव और 5 मौतें हुई। इसी तरह 4 नवंबर को 707 मरीज पाए गए उनमें से 13 की मातैं हो गई। 3 नवंबर को 667 मरीज मिले और 9 मौतें हुई। 2 नवंबर को 635 मरीज मिले और 7 मौते हुई।
भोपाल (ईएमएस)। कोरोना वायरस के मरीज मध्यप्रदेश में बीते 28 सितंबर से लगातार कम होने के बाद अब पिछले छह दिन से फिर बढ़ने लगे है। दो नवंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों में 635 मरीज मिले थे, जबकि सात मरीजों की मौत हुई थी। इसके बाद से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते हुए सात नवंबर को 865 हो गई, जबकि 13 मरीजों की मौत हुई है। राज्य सरकार के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार संक्रमण दर हफ्ते भर से 3 फीसद से नीचे थी, लेकिन शनिवार को 3.2 फीसद पर पहुंच गई। मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से स्वास्थ विभाग में फिर चिंता बढ़ गई है। एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया पहले ही कह चुके हैं कि ठंड गहराने के साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ मौतों का आंकड़ा भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। हमीदिया अस्पताल के छाती व श्वास रोग विभाग के एचओडी डॉ. लोकेंद्र दवे ने बताया कि ठंड में सभी तरह के वायरस से होने वाले संक्रमण बढ़ते हैं। कोरोना भी वायरस से होने वाली बीमारी है। इस वजह से आशंका है कि कोरोना के मरीज भी बढ़ेंगे। सरकार से ज्यादा जिम्मेदारी आम लोगों की है कि वह मास्क लगाएं और दूसरों से कम से कम छह फीट की दूरी बनाएं तो कोरोना के संक्रमण से बचे रहेंगे। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा शनिवार को तीन हजार के ऊपर पहुंच गया। अब तक प्रदेश में 3017 मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में सबसे कम एक-एक मरीज की मौत अभी तक निवाड़ी और डिंडोरी जिले में हुई है। सबसे ज्यादा 690 मरीजों की मौत इंदौर में और 488 मरीजों की मौत भोपाल में हुई है। नवंबर में प्रदेश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज भोपाल में मिल रहे हैं। प्रदेश में अब तक की औसत मृत्यु दर 1.7 है। हालांकि सुकून की बात यह है कि अक्टूबर में यह दर डेढ़ फीसद से नीचे रही। बीते सात नवंबर को 865 पॉजिटिव पाए गए वहीं 13 लोगों की मौत हो गई है। 6 नवंबर को 779 पॉजिटिव पाए गए तो वहीं 12 मौतें हुई। 5 नवंबर को 734 पॉजिटिव और 5 मौतें हुई। इसी तरह 4 नवंबर को 707 मरीज पाए गए उनमें से 13 की मातैं हो गई। 3 नवंबर को 667 मरीज मिले और 9 मौतें हुई। 2 नवंबर को 635 मरीज मिले और 7 मौते हुई।














