नई दिल्ली । एक एक्सपर्ट्स पैनल कल कोरोना वैक्सीन के आपातकाल उपयोग को लेकर दिए गए आवेदनों की समीक्षा करेगी।कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी अप्रूवल के लिए भारत में तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। इनमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, फाइजर और भारत बायोटेक का नाम शामिल है। वैक्सीन मामले में एक्सपर्ट पैनल इन कंपनियों के आवेदनों पर विचार कर सकती है।
सूत्रों ने बताया कि सोमवार को हैदराबाद की भारत बायोटेक ने भी अपनी वैक्सीन कोवैक्सिन के लिए आवेदन दिया है। इस क्रम में सबसे पहले अमेरिकी कंपनी फाइजर ने आवेदन किया था, जिसके बाद सीरम इंस्टीट्यूट ने भी इमरजेंसी अप्रूवल की मांग की है।सूत्र बताते हैं कि एक्सपर्ट्स पैनल मामलों पर विचार करने के बाद ड्रग रेग्युलेटर से बात करेगी। खास बात है कि एक वैक्सीन को इमरजेंसी उपयोग की अनुमति तब ही दी जा सकती है, जब वह सुरक्षित और असरदार हो। हालांकि, आखिरी अप्रूवल सफल ट्रायल और पूरे डेटा की जांच के बाद ही दिया जाएगा। बीते हफ्ते फाइजर को आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमति देने वाला ब्रिटेन पहला देश बना था। कहा जा रहा था कि यह वैक्सीन 95 फीसदी तक असरदार है।
गौरतलब है कि एक्सपर्ट्स फाइजर के ट्रांसपोर्ट में आने वाली परेशानियों को लेकर चिंतित हैं। फाइजर को हर समय -70 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखे जाने की जरूरत होती है। हालांकि, कंपनी ने इस बात का भरोसा दिया है कि वह इस तरह की चुनौतियों के लिए तैयार है। बता दें कि डीसीजीआई की तरफ से मिलने वाले इमरजेंसी अप्रूवल के बाद वैक्सीन को सीमित समय और खास वर्ग के लोगों को ही लगाया जा सकेगा। बता दें कि देश में कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर हलचल बढ़ गई है। लगातार वैक्सीन कंपनियां देश में इमरजेंसी अप्रूवल के लिए आवेदन देने लगी हैं।

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