नई दिल्ली । कोरोना वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में कहा गया है कि राज्यों और जिलों में कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारियां चल रही हैं। इसी के संबंध में यानी वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं के निगरानी सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है जिससे ये भरोसा बना रहे कि वैक्सीन सुरक्षित है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन के वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं के निगरानी सिस्टम को मजबूत करने के लिए यह कदम सुझाए गए हैं।
1. राज्यों और जिलों की वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं के समिति में बाल रोग विशेषज्ञ के अलावा मेडिकल स्पेशलिस्ट को भी शामिल करें जैसे न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, रेस्पिरेट्री मेडिसिन स्पेशलिस्ट आदि। चूंकि जब वयस्क लोगों को वैक्सीन दी जाएगी तो हो सकता है उनको पुरानी गंभीर बीमारी हो जिसके चलते स्ट्रोक, हार्ट अटैक आदि जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर समिति के अंदर मेडिकल स्पेशलिस्ट होंगे तो वह इस तरह की घटनाओं में इस बात की पहचान कर सकें और वैक्सीन दिए जाने वाली घटनाओं से अंतर कर सकें।
2. हर राज्य को अपने यहां एक मेडिकल कॉलेज चुनना चाहिए जो स्टेट वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं के टेक्निकल कोलैबोरेटिंग सेंटर की तरह काम करेगा। इस मेडिकल कॉलेज के क्लिनिकल स्पेशलिस्ट जैसे न्यूरोलॉजिस्ट कार्डियोलॉजिस्ट, रेस्पिरेट्री मेडिसिन स्पेशलिस्ट ( बाल रोग विशेषज्ञ के अलावा) और डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन के एक्सपर्ट राज्य या या राज्य की वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं की रैपिड कैजुअल्टी एसेसमेंट, केस इन्वेस्टिगेशन आदि में मदद करेंगे जिससे पता चल सके कि वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं का क्या कारण रहा?

3. स्टेट वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं सम्बन्धी कमेटी के एक्सपर्ट्स और राज्य स्तर पर वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं हेतु टेक्निकल कोलैबोरेटिंग सेंटर की ट्रेनिंग करवाई जाए जिससे इन्वेस्टिगेशन और कैजुअल्टी एसेसमेंट वह लोग कर सकें।
4. राज्य और ज़िले में वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं के सम्बन्ध में गठित कमेटी की निरंतर बैठक हों।

5. स्टेट वैक्सीन दिए जाने के बाद होने वाले प्रतिकूल घटनाओं के लिए कंसलटेंट नियुक्त किए जाएं।

6. व्यस्त लोगों की वैक्सीनेशन के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं निगरानी की रिपोर्टिंग के लिए नेटवर्क बढ़ाया जाए।

7. वैक्सीन सेफ्टी के लिए कम्युनिकेशन प्लान- वैक्सीन सेफ्टी और वैक्सीन देने के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं के बारे में अफवाहों और भ्रम को रोकने के लिए सभी जिले एक कम्युनिकेशन प्लान तैयार करें।

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