नई दिल्ली। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के प्रोजेक्ट बोल्ड (सूखे भू-क्षेत्र पर बांस आधारित हरित क्षेत्र) को लेह में भारतीय सेना का सहयोग प्राप्त हुआ है। 15 अगस्त को सेना ने लेह स्थित अपने परिसर में बांस के 20 पौधे लगाकर इसकी शुरुआत की। बांस की विशेष प्रजातियों के इन 20 पौधों को लेह में रोपित करने के लिए केवीआईसी द्वारा 12 अगस्त को जम्मू में सेना को सौंपा गया था। भूमि के क्षरण को रोकने और यहां हरित क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से उच्च हिमालयी इलाकों में बांस के पेड़ लगाने का यह पहला प्रयास है। इसी प्रयास को जारी रखते हुए 18 अगस्त को लेह के चुचोट गांव में बांस के 1000 पौधों का रोपण किया जाएगा। बांस के ये पौधे 3 साल में कटाई के लिए तैयार हो जाएंगे। इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से स्थानीय जनजातीय आबादी के लिए दीर्घकालिक आय के अवसर पैदा होंगे; साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित पर्यावरण और भूमि संरक्षण में भी योगदान देगा।

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