नई दिल्ली। गंगा दशहरा का पर्व देश में धूमधाम से मनाया गया। गंगा दशहरा हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु बड़ी ही श्रद्धा के साथ पूरे विधि-विधान से मां गंगा की पूजा करते हैं। हिंदू धर्म में गंगा का बड़ा महत्व है। गंगा दशहरा पर्व के मौके पर कन्नौज के मेहंदी घाट पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए उमड़ पड़े।
इस दौरान लोगों ने कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। श्रद्धालुओं ने न मास्क पहन रखा था और न सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया। गंगा दशहरा के मौके पर कन्नौज के मेहंदी घाट पर लाखों श्राद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। इस दौरान कोरोना प्रोटोकाल से जुड़े निर्देशों की लोगों ने अवहेलना की। अधिकांश लोगों ने बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के गंगा स्नान किया। इस मौके पर हरिद्वार में लाखों लोगों ने गंगा स्नान किया। कोविड कर्फ्यू होने के बाद भी श्रद्धालुओं ने हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगा में डुबकी लगाई। इसके अलावा अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई।
भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में भी गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पवित्र तीर्थ विश्राम घाट पर आकर यमुना में डुबकी लगाकर स्नान किया। कोरोना संक्रमण के काल के चलते स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब नहीं उमड़ा। जिला प्रशासन ने गंगा दशहरा पर्व को देखते हुए यमुना के विश्राम घाट के घाटों पर सुरक्षा के प्रबंध किए थे। संगम नगरी प्रयागराज में गंगा दशहरा बड़ी धूमधाम से मनाया गया। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाई। इस दौरान लोग कोरोना के खतरे से पूरी तरह बेफिक्र दिखाई पड़े।














