जनेवा । कोरोना वैक्सीन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि यह वैक्सीन कोई जादुई गोली नहीं होगी जो कोरोना वायरस को पलक झपकते खत्म कर देगी। हमें यथार्थवादी होने की जरूरत है। दुनिया में इस महामारी का प्रकोप लंबे समय तक बना रहेगा। डब्लूएचओ ने कोरोना वैक्सीन को लेकर फिर से चेतावनी जारी की है। डब्लूएचओ के पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक कसेई ताकेशी ने कहा कि ये वैक्सीन कोई चांदी की गोली नहीं हैं जो निकट भविष्य में महामारी को समाप्त कर देंगे। सुरक्षित और प्रभावी टीकों का विकास एक बात है। लेकिन इनका पर्याप्त मात्रा में उत्पादन करना और हर किसी तक पहुंचना आवश्यक है। यह प्रक्रिया क्षेत्र के कुछ हिस्सों में शुरू हो रही है, लेकिन समान वितरण में समय लगेगा।
कसेई ने कहा कि उच्च जोखिम वाले लोगों को छोड़ दिया जाए तो आम नागरिकों को कोरोना वायरस की वैक्सीन मिलने में 12 से 24 महीनों की समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि युवा समूह की कोरोना को नियंत्रित करने वाले उपायों को नहीं अपना रहे हैं। ऐसे में आगामी छुट्टियों के दौरान इनके जरिए संक्रमण के फैसले का अंदेशा है। बिना लक्षण वाले लोग क्रिसमस की छुट्टियों में अपने प्रियजनों या परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमित कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूरे यूरोप में क्रिसमस के दौरान लोग अपने दोस्तों और परिवारवालों के साथ इकट्ठा होंगे। इससे कोरोना के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाएगा। ऐसे में डब्लूएचओ ने अपील करते हुए कहा है कि लोग संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारी को निभाएं। संगठन ने यह भी कहा है कि मुलाकातों को घरों से बाहर रखने की कोशिश करें। अगर बंद हॉल या कमरे में मिल रहे हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें और मास्क का प्रयोग करें। डब्लूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहोम घेब्येयियस भी वैक्सीन को लेकर चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने अगस्त में ही कहा था कि वैक्सीन कोई जादुई गोली नहीं होगी जो कोरोना वायरस को पलक झपकते खत्म कर देगी। हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है इसलिए सबको साथ मिलकर प्रयास करने होंगे। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच यूरोपियन यूनियन (ईयू) की प्रेसीडेंट उर्सुला वोन डेर लेयेन ने ऐलान किया है कि एक हफ्ते के भीतर कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी जाएगी।
अमेरिका और ब्रिटेन में वैक्सीनेशन का काम युद्धस्तर पर जारी है। फाइजर की कोरोना वैक्सीन को अमेरिका में इमरजेंसी यूज के लिए अनुमोदित किया जा चुका है। जबकि ब्रिटेन में यह वैक्सीन अब सभी लोगों को दी जा रही है। इस वैक्सीन के अधिक डोज को बनाने के लिए अमेरिका मे अन्य कंपनियों की भी मदद ली जाएगी। वहीं, मॉडर्ना की वैक्सीन को भी जल्द ही इमरजेंसी अप्रूवल दिया जा सकता है। यूरोपियन यूनियन की मेडिसिन एजेंसी के अनुसार, फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को अप्रूवल देने के लिए 21 दिसंबर को संघ से 27 देशों की बैठक बुलाई गई है। जर्मनी ने हाल में ही यूरोपीय यूनियन से इस बैठक को जल्द से जल्द बुलाने की अपील की थी।

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