धर्मशाला। फसल बिजाई में ट्रैक्टर का किसान 1500 रूपए प्रति घण्टा देने पर मजबूर है।सरकार से तीन माह पहले कांग्रेस पार्टी ने निवेदन किया था कि ट्रेक्टर बुआई, थ्रेशिंग और तूड़ी के रेट निर्धारित किए जाएं।लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।सरकार की इस लापरवाही का ख़मियाज़ा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि ट्रेक्टर से खेत की बुआई करवाना अब किसान की पहुंच से बाहर हो चुका है।आमदन से तीन गुना ज्यादा खर्च तो फसल बिजाई में ही आ जा रहा है।सरकार को ट्रेक्टर बिजाई के रेट निर्धारित करने चाहिए थे ताकि समय रहते किसान को राहत मिल सकती।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसान से ट्रेक्टर बुआई के मनमाने रेट लिए जा रहे हैं।सरकार असंवेदनशील बनी हुई है।अगर यही स्थिति रही तो किसान खेती छोड़ने पर मजबूर हो जाएगा।उन्होंने कहा कि होना तो यह चाहिए था कि ट्रेक्टर बुआई पर किसान के लिए कृषि विभाग रेट तय करता और उस रेट पर किसान को सब्सिडी दे कर राहत प्रदान करता लेकिन विभाग गहरी नींद में है।
दीपक शर्मा ने कहा कि यही हाल थ्रेशिंग का है।और यही हाल पशु चारे का है।तूड़ी के भी मनमाने रेट बसूले जाते हैं।यही नहीं किसान को तूड़ी तोल में भी क्विंटल की जगह 50-60 किलो ही उपलब्ध होती है।इस बारे में कृषि विभाग का एक विशेष सेल होना चाहिए जो इन सब मूल्यों का नियंत्रण करे।किसान के लिए हर ज़िला में एक हेल्पलाइन होनी चाहिए ताकि शोषण होने पर किसान अपनी शिकायत दर्ज करवा सके।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में किसान नहीं हैं।अगर भाजपा सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील होती तो अबतक किसानों के आंदोलन के प्रति सकारात्मक रवैया अपना कर तीनों काले कानूनों को वापस ले चुकी होती।लेकिन सरकार किसानों को भाजपा विरोधी समझती है।कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा ने कभी भी किसानों के हितों को सुरक्षित करने हेतु कदम नहीं उठाए उल्टा किसानों के हितों को अडानी-अम्बानी के हाथों में बेच दिया है।दीपक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने किसानों के लिए अनेक योजनाएं बनाई और किसानों का 74 हज़ार करोड़ रुपए का ऋण मुआफ किया लेकिन भाजपा सरकार ने गत सात सालों में किसानों के हितों पर कुठाराघात ही किया है।














