नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच बड़े पैमने पर टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। अब तक करीब 13 करोड़ टीके केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राज्यों को दिए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र को 1 करोड़ 29 लाख से अधिक टीके मिले हैं। उत्तर प्रदेश के खाते में 1 करोड़ 17 लाख टीके मिले हैं। कोरोना टीकाकरण में एक बात की चिंता केंद्र सरकार को सबसे ज्याता सता रही है। वह है वेस्टेज। आंकड़ों पर अगर नजर दौड़ाएं तो तमिलनाडु में सबसे अधिक वैक्सीन बर्बाद हो रही है। यहां 11 प्रतिशत से अधिक वैक्सीन बर्बाद हो रही है। इसके बाद हरियाणा का नंबर आता है, जहां 10.5 प्रतिशत टीके व्यर्थ जा रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार लगातार राज्यों से वैक्सीन की बर्बादी को रोकने की अपील कर रही है। इसके अलावा मणिपुर में 8.4 प्रतिशत, पंजाब में 7.88 प्रतिशत, बिहार में 7.33 और असम में 6.62 प्रतिशत वैक्सीन बर्बाद हो रही है। राजस्थान की बात करें तो यहां 6.32 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 5.27 प्रतिशत वैक्सीन बर्बाद हो रही है। देशभर में कोविड-19 के टीकों की 11.70 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि इनमें 26,02,375 खुराक रात 8 बजे तक दी गई। इसने बताया कि अभी करीब 67,400 कोविड टीकाकरण केंद्र संचालित किये जा रहे हैं। मंत्रालय के रात 8 बजे तक की अस्थायी रिपोर्ट के मुताबिक देश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होने से लेकर अब तक इसकी 11,70,96,037 खुराक दी है। इनमें 90 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को पहली खुराक, 56 लाख से स्वास्थ्य कर्मियों को दूसरी खुराक, अग्रिम मोर्चे के 1,02,90,850 कर्मियों को पहली खुराक और 51,51,557 को दूसरी खुराक दी गई है। इसके अलावा, 45 से 60 वर्ष की आयु के बीच के 3,86,76,098 लाभार्थियों को पहली खुराक, जबकि 9,84,785 को दूसरी खुराक दी गई है। वहीं, 60 वर्ष से अधिक आयु के 4,41,90,147 लोगों को पहली खुराक और 30,86,465 को दूसरी खुराक दी गई है।

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