नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बीते द्वारका साउथ इलाके से दो युवकों को 12 ऑक्सीजन सिलेंडर (संकेन्द्रक) की कालाबाजारी करते पकड़ा। इन युवकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, महामारी अधिनियम व धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की तरफ से अदालत में याचिका दायर कर ऑक्सीजन सिलेंडर (संकेन्द्रक) के इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई। अदालत ने तत्काल निर्णय करते हुए कहा कि इन ऑक्सीजन सिलेंडर को थाने के मालखाने में रखकर बेकार करने की बजाय कोरोना मरीजों के उपचार में इस्तेमाल किया जाए। द्वारका स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अनुज बहल की अदालत ने दिल्ली पुलिस की तरफ से दायर ऑक्सीजन सिलेंडर (संकेन्द्रक) इस्तेमाल करने की अनुमति संबंधी याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि वास्तविकता में इन सिलेंडर की कोरोना मरीजों को जरुरत है। इसलिए इन्हें जरुरतमंदों तक पहुंचाया जाना चाहिए। पुलिस की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि ये 12 ऑक्सीजन सिलेंडर (संकेन्द्रक) भरे हुए हैं। अगर इन्हें मालखाने में ही रखा गया तो यह बेकार रहेंगे और कोई मकसद भी पूरा नहीं होगा। जबकि बहुत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हैं और उन्हें ऑक्सीजन की जरुरत है। अगर उन्हें यह ऑक्सीजन मिल जाए जो कईयों की जान बचाई जा सकती है। अदालत ने माना कि न्यायिक अधिकारी व पुलिसकर्मियों की नौकरी ऐसी होती है जहां उन्हें पब्लिक के संपर्क में आना पड़ता है। इसी कारण से बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी व पुलिसकर्मी व उनके परिवार कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता है। लिहाजा इन सिलेंडरों का अलग-अलग जगह इस्तेमाल किया जाए। अदालत ने तत्काल प्रभाव से ऑक्सीजन सिलेंडर (संकेन्द्रक) वितरित करने के निर्देश दिए हैं।














