नई दिल्ली। देश की 40 करोड़ आबादी को अब भी कोरोना से संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है, जबकि दो-तिहाई लोगों में इस वायरस के विरुद्ध एंटीबॉडी पाई गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने हाल ही में हुए चौथे सीरो सर्वे के हवाले से यह जानकारी दी। भार्गव ने कहा चौथे सीरो सर्वे में 6 से 17 साल के 28975 लोगों और 7252 स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया गया था।
इनमें से 62 फीसदी लोगों ने वैक्सीन नहीं ली थी, जबकि 24 फीसदी लोगों ने एक डोज और 14 फीसदी लोगों ने दोनों डोज लिया था।’ उन्होंने बताया कि इस सर्वे में सीरो प्रीवलेंस 67 पर्सेंट पाया गया है।
भार्गव ने बताया कि 85 फीसदी हेल्थ वर्कर कोरोना के शिकार हो चुके हैं। गैर-जरूरी यात्रा करने से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि वही लोग यात्रा करें जो कोरोना रोधी वैक्सीन के दोनों डोज़ ले चुके हैं। यह सीरो सर्वे 21 राज्यों के उन्हीं 70 जिलों में कराया गया, जहां पहले के तीन सीरो सर्वे हो चुके हैं। इस दौरान हर जिले के 10 गांवों या वार्डों से 40 लोगों के सैम्पल लिए गए। हर जिले से 26 साल तक की उम्र वाले 400 लोग इस सर्वे में शामिल हुए थे। वहीं, सर्वे में शामिल हर जिले और उप-जिले से 100 स्वास्थ्यकर्मियों का सैम्पल लिया गया। वहीं, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने सीरो सर्वे को एक उम्मीद की किरण बताया और कहा कि स्थानीय स्तर का यह डाटा सर्वमान्य है। हालांकि उन्होंने इस दौरान सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक भीड़भाड़ के साथ ही गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी।














