नई दिल्ली । जहांगीरपुरी पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो युवतियों की फोटो से छेड़छाड़ कर ब्लैकमेल करता था और रुपये वसूलता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देशभर में सवा सौ से अधिक युवितयों को अपना शिकार बनाया है। डीसीपी विजंयता आर्या ने बताया कि जहांगीरपुरी निवासी पीड़िता ने 20 नवम्बर को थाने में एफआईआऱ दर्ज कराई थी। पेशे से एयर हॉस्टेस पीड़िता ने बताया कि उसकी फोटो से छेड़छाड़ कर कोई उन्हें व्हाट्स एप पर भेज रहा है। साथ ही 20 हजार रुपये नहीं देने पर इन फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने आईटी एक्ट एवं अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एसएचओ सुरिंदर संधु की देखरेख में इंस्पेक्टर वरुण दलाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। डीसीपी विजयंता आर्या ने बताया कि व्हॉट्सएप नंबर के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। फिर 21 नवम्बर को इंस्पेक्टर वरुण दलाल की टीम ने गुरुग्राम से शोएब अख्तर और नसीमुल अख्तर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी जब्बार फरार चल रहा है। जांच में मालूम हुआ कि शोएब अख्तर गिरोह का सरगना है। वह गुरुग्राम स्थित टीसी फाइनेंशियल कंपनी में काम करता था, लेकिन लाकडाउन में उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने गांव के लोगों के साथ मिलकर ब्लैकमेल करने का काम करने लगा। आरोपी ने बताया कि वह अब तक देशभर के सवा सौ से अधिक युवतियों को अपना शिकार बना चुका था। हालांकि डीसीपी ने बताया कि अब तक 45 लोगों ने पुलिस से संपर्क किया है। शिकार लोगों में इलाहाबाद की युवती भी है। आरोपियों के बैंक खाते में पुलिस को 12 लाख रुपये भी मिले हैं जो उसने ब्लैकमेलिंग से उगाहे थे।

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