नई दिल्ली । सर्वोच्च अदालत ने अगस्त में जब से वकील प्रशांत भूषण को अवमानना मामले में दंडित किया है तब से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के पास अवमानना याचिका दायर करने के 18 आग्रह आ चुके हैं। आग्रह करने वालो में कानून के छात्र, वकील और सामान्य नागरिक शामिल हैं। भूषण के खिलाफ कोर्ट ने जून में मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ किए गए ट्वीट पर अवमानना का मामला चलाया था और उन्हें 1 रु के जुर्माने से दंडित किया था। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश पर लगातार ट्वीट हुए और अटॉर्नी जनरल को अवमानना याचिका दायर करने के एक के बाद एक, 18 पत्र मिले। कामरा के खिलाफ अटॉर्नी जनरल से छह लोगों ने अवमानना मामला चलाने की अनुमति मांगी थी। कुणाल कामरा के मामले में अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने अवमानना की अनुमति दे दी। इस तरह एक कार्टूनिस्ट ने शीर्ष कोर्ट द्वारा अरनब गोस्वामी को जमानत देने के मामले में कार्टून बनाए, इन पर अटॉर्नी जनरल ने अवमानना की अनुमति दे दी
– अभिनेत्री स्वरा भास्कर को राहत
स्वरा भास्कर ने भी मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ ट्वीट किया। स्वरा के खिलाफ अवमानना करवाई के लिए अटॉर्नी जनरल ने मना कर दिया और कहा कि उनके ट्वीट में अवमानना के तत्व नहीं हैं। इसके बाद टीवी एंकर के खिलाफ अवमानना की अनुमति के लिए अटॉर्नी जनरल को पत्र मिला। लेकिन अटॉर्नी ने अनुमति देने इनकार कर दिया। एंकर ने ये ट्वीट प्रशांत भूषण को अवमानना के मामले में दंडित करने पर किए थे। मुख्यमंत्री रेड्डी समेत इन लोगों को भी राहत: इसके बाद आंध्र के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ अवमानना याचिका के लिए अनुमति मांगी गई लेकिन अटॉर्नी जनरल ने इसके लिए अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि रेड्डी ने जो कुछ लिखा था वह निजी रूप से लिखा था और उनका कोर्ट अवमानना करने की मंशा नहीं थी। इसके बाद एक दक्षिणपंथी चिंतक के खिलाफ अनुमति के किए अटॉर्नी जनरल को पत्र मिला। इस पर अटॉर्नी ने अनुमति देने से मना कर दिया।














