मेलबर्न । ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने कहा है कि जैविक रूप से सुरक्षित माहौल (बायो बबल) में रहना खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर परेशानी पैदा कर सकता है पर यह हालात अधिक समय तक नहीं रहने वाले हैं। स्टार्क के अनुसार लंबे समय तक ऐसी पाबंदियों के बीच रहना व्यावहारिक भी नहीं कहा जा सकता है। कोरोना महामारी के बीच क्रिकेट का आयोजन जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में किया जा रहा है जिसकी पाबंदियों को लेकर कई खिलाड़ियों ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ी मानसिक रुप से बीमार हो सकते हैं।
आईपीएल के बाद इसमें भाग ले रहे खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिताओं में अपने देश के टीमों की ओर से खेलते हुए भी जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रहना होगा। आईपीएल फाइनल के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के लंबे दौरे पर रवाना होगी। भारतीय टीम के साथ स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और डेविड वार्नर जैसे ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रिकेटर भी रवाना होंगे जो विभिन्न आईपीएल टीमों का हिस्सा रहे हैं।
स्टार्क ने कहा, ‘यह लंबे समय तक चलने वाली जीवनशैली नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘आप होटल के कमरे में रह रहे हैं और बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं है। कई खिलाड़ियों ने अपने परिवारों या अपने बच्चों को लंबे समय तक नहीं देखा है, आईपीएल में खेलने वालों के साथ ऐसा है।’ अन्य खिलाड़ियों में इंग्लैंड की टीम आईपीएल समाप्त होने के एक पखवाड़े के भीतर सीमित ओवरों के छह मैचों के लिए दक्षिण अफ्रीका जाएगी जबकि वेस्टइंडीज को न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होना है।
स्टार्क ने बायो बबल के मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘यह मुश्किल स्थिति है- हमें क्रिकेट खेलने को मिल रहा है इसलिए हम अधिक शिकायत नहीं कर सकते पर खिलाड़ियों, स्टाफ और अधिकारियों की बेहतरी को देखते हुए आप जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में कब तक रह सकते हो?’ इससे पहले भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन व वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने भी कहा था कि इससे खिलाड़ियों को परेशानी हो सकती है।














