नई दिल्ली । महागठबंधन की ओर से प्रत्याशी के ऐलान के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव में रोचक मोड़ आ गया है। महागठबंधन के खेमे में सुबह से रात तक रणनीति बनाने का सिलसिला चलता रहा। इसकी कमान महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने संभाली। पहले कांग्रेस और वाम दलों के नेताओं संग प्रत्याशी उतारने पर एकराय बनाई। एक ओर वे जेल में बंद दो विधायकों को शपथ दिलाने और वोटिंग में शामिल कराने के लिए प्रोटेम स्पीकर से मिले। वहीं देर शाम तक राबड़ी आवास पर राजद, कांग्रेस और वाम दल के विधायकों की संयुक्त बैठक चलती रही। तेजस्वी ने मीडिया के बीच पूर्व मंत्री अवध बिहारी चौधरी को प्रत्याशी बनाए जाने का ऐलान किया। उन्होंने एनडीए विधायकों से भी अपील की कि वे सबसे अनुभवी और बेहतर प्रत्याशी को दलीय भावना से ऊपर उठकर समर्थन दें। चुनाव की परंपरा न होने के सवाल पर तेजस्वी बोले कि परंपरा तो डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को देने की भी रही है। पिछली सरकार में हमने मांग भी की थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसके बाद वे महागठबंधन के नेताओं संग प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी से मिले और अनंत सिंह और अमरजीत कुशवाह को चुनाव प्रक्रिया में शामिल कराने का अनुरोध किया। राबड़ी आवास में मंगलवार की शाम हुई महागठबंधन की बैठक में तेजस्वी यादव ने सभी से एकजुटता के साथ अवध बिहारी चौधरी को जिताने की अपील की। उन्होंने बाकी विधायकों से दल से नहीं दिल से मतदान करने की अपील की। महागठबंधन की ओर से आज विधानसभा में मत विभाजन और गुप्त मतदान कराने के लिए दबाव बनाया जाएगा। राजद और कांग्रेस ने कोई व्हिप तो जारी नहीं किया, लेकिन दावा किया कि महागठबंधन ही नहीं एनडीए के विधायक भी समर्थन करेंगे। राज्य समिति की बैठक होने के चलते भाकपा माले के विधायक बैठक में नहीं पहुंचे। हालांकि माले के विधायक दल के नेता अरुण सिंह ने व्हिप जारी किया है। बैठक के बाद राजद के मुख्य प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि जनादेश की चोरी करके सरकार तो बना ली, लेकिन अध्यक्ष महागठबंधन का ही बनेगा।

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