लंदन। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा कि पहली बार भारत में सामने आया कोरोना वायरस का डेल्टा या बी1.617.2 स्वरूप अल्फा या तथाकथित केंट स्वरूप (वीओसी) से 40 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक है। मंत्री ने कहा कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में हालिया बढ़ोतरी में डेल्टा स्वरूप का प्रसार है और इसने 21 जून से तय अनलॉक योजना को और मुश्किल बना दिया है। उन्होंने बताया कि डेल्टा स्वरूप की वजह से अस्पताल में भर्ती अधिकतर लोगों को टीके नहीं लगे थे। मंत्री ने कहा कि यह उस वैज्ञानिक सलाह को परिलक्षित करती है कि चिंता के कारक डेल्टा स्वरूप के खिलाफ टीके की एक खुराक अल्फा स्वरूप जितनी प्रभावी नहीं है और दोनों खुराक लेने से ही बचाव है।
हैनकॉक ने बताया, ‘इस आंकड़े के साथ कह सकते हैं कि यह स्वरूप करीब 40 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक है, मेरे पास यही नवीनतम परामर्श है। मंत्री ने यह भी पुष्टि की कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के तहत अगले कुछ दिनों में 30 साल से कम उम्र के लोगों के लिये भी टीकाकरण खोला जाएगा। उन्होंने कहा, इस हफ्ते हम 30 साल से कम आयु वालों के लिये टीकाकरण अभियान खोलेंगे और इस तरह हम उस बिंदू के एक कदम और करीब होंगे जब हम देश में सभी वयस्कों को टीका देने में सक्षम होंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या देश में सभी तरह की लॉकडाउन पाबंदियों को खत्म करने की 21 जून की समयसीमा में कोई विलंब होगा, हैनकॉक ने कहा कि सरकार ने जरूरत पड़ने और निर्धारित जरूरी मानकों के पूरा न होने पर ऐसा करने का विकल्प ‘पूरी तरह खुला’ रखा है। सरकार द्वारा अनलॉक के लिए निर्धारित तय मानकों के परीक्षण में यह भी शामिल है कि खतरनाक वायरस के स्वरूप में मूल रूप से बदलाव न आया हो।

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