बुरहानपुर  केन्द्र सरकार के द्वारा कृषि उत्पाद को लेकर नए कानून का भारत देश के किसान विरोध कर एक पखवाडे से आंदोलन कर रहे है, परंतु केन्द्र सरकार के कानों पर कोई जूँ नही रेंग रही है। किसानो के उग्र होते आंदोलन के तहत सरकार के साथ किसान संगठनों की पांच दौर की वार्ता फॅलाप होने के बाद यह आंदोलन और उग्र हो गया है। इसी के चलते भारत बंद के अव्हान पर मंगलवार को बुरहानपुर भी आंशिक रूप से बंद रहा। यहां विरोध स्वरूप किसान अपनी सब्जी की उपज को निलाम में लेकर नही पहुंचे जिस से निलाम मंडी में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं शहर में भी अधिकांश रूप से दुकाने बंद रही बंद के चलते किसान संगठन सहित कांग्रेस की ओर से जिला अध्यक्ष अजय रघवंशी के नेत्रत्व में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि केन्द्र तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे यह किसान विरोध कानून है, इस से किसानों का अहित होगा। जब कि केन्द्र सरकार इसे किसानो के फायदे का कानून बता कर इस में अवश्यक संशोधन की बात कह रही है। वहीं किसानों का कहना है कि जिस कानून को अन्नदाता के हित का कानून बताकर उस पर जबरन थोपा जा रहा है वह उसे मंजूर नही तो फिर इस कानून को रदद करने में केन्द्र आना कानी क्युं कर रहा है। इस से यह स्पष्ट है कि यह कानून व्यापारियों का हितरक्षक है। भाजपा की केन्द्र सरकार किसानों के नाम पर व्यापारियों का भला करना चाहती है। भाजपा की नियत में खोट दिखाई दे रही है जब देश का अन्नदाता इस कानून को स्वीकार नही कर रोड पर उतर कर लडाई लड रहा है तो फिर सरकार की हटधर्मी क्युं। किसानों और कांग्रेस की ओर से दिए गए ज्ञापन में कांग्रेस अध्यक्ष अजय रघुवंशी सहित ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष किशोर महाजन, मुन्ना यादव व अन्य कांग्रेस नेता और किसान नेता रघुनाथ चौधरी सहित किसान उपस्थित थे।

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