देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि के साथ कई पर्यटकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस बीच विशेषज्ञों ने कहा हरिद्वार और ऋषिकेश कोरोना के हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं। इस बात के चिंतित होटल मालिकों ने प्रदेश सरकार से मेहमानों के रैंडम टेस्ट कराने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ऋषिकेश के ताज फाइव-स्टार होटल में 76 कोरोना के मरीज मिलने के बाद होटल को सैनिटाइज करने के लिए तीन दिनों तक बंद कर दिया गया है।
इससे पहले, ऋषिकेश में गुजरात से आए 50 सदस्यीय ग्रुप के 22 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। इसके अलावा, एक योग रिसॉर्ट के 11 कर्मचारी भी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। आशंका है कि महाकुंभ का आयोजन एक सुपर-स्प्रेडर के रूप में सामने आ सकता है। ऋषिकेश में बढ़ते कोरोना मामले के चलते होटल व्यवसायियों और इस उद्योग से संबंधित लोग चिंतित हैं। महाकुंभ एक अप्रैल से शुरू हो रहा है।
ग्रेटर ऋषिकेश होटल एंड रिसॉर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय बिष्ट ने कहा कि पर्यटकों के बीच बढ़ती संख्या हमारे लिए चिंता का विषय है। जैसे-जैसे मीडिया में मामले सामने आएंगे, अधिक पर्यटक ऋषिकेश आने से परहेज करेंगे जिससे हमारे व्यवसाय पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा पिछले साल पीक पर्यटन सीजन के दौरान लॉकडाउन के कारण हमारा पहले से ही कम कारोबार हुआ। दूसरे जगहों से आने वाले लोग अगर कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं तो उन्हें आइसोलेट किया जाए। विजय बिष्ट ने कहा कि लोगों के कोरोना पॉजिटिव निकलने से होटल बंद करना कोई समाधान नहीं है। इससे न केवल होटल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यटकों के बीच एक नकारात्मक संदेश भी जाता है।

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