नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। केंद्र सरकार का इरादा इस सत्र में 30 विधेयकों पर चर्चा करवाने और इन्हें पास करवाने का है। इनमें 17 नए विधेयक भी शामिल होंगे। संसदीय मामलों के मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, पहले से पेश सात विधेयकों के तो दोनों सदनों से पास हो जाने की पूरी संभावना है। जहां तक नए विधेयकों की है तो इनमें मानव तस्करी (रोकथाम, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं सटे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग विधेयक, अनिवार्य रक्षा सेवा विधेयक, दिवाला और दिवालियापन संहिता विधेयक शामिल हैं। ये विधेयक संसद से पास होकर कानून बन जाएंगे तो अध्यादेशों की जगह ले लेंगे।
केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट के लिए पिछले साल अक्टूबर में अध्यादेश के जरिए आयोग का गठन किया था। चूंकि संबंधित विधेयक संसद से पास नहीं करवाया जा सका था, इसलिए आयोग को बंद करना पड़ा था। अब नए विधेयक को लोकसभा में पेश किया जाएगा। एक सरकारी सूत्र ने कहा यह इस सत्र की प्राथमिकताओं में शामिल है क्योंकि अगले दो महीनों में ही एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या गहराने लगेगी।’ सरकार इस बार कोयला की उपलब्धता वाले इलाके (अधिग्रहण और विकास) विधेयक भी पेश करने वाली है।
इस विधेयक के जरिए कोयले की परिभाषा में इग्नाइट को भी शामिल किया गया है। इस विधेयक का जबर्दस्त विरोध होने के आसार हैं क्योंकि इसमें प्राइवेट कंपनियों को भी कोयला क्षेत्र की जमीन को लीज पर लेने और वहां खनन करने का अधिकार देने प्रावधान किया गया है। यूं तो विधेयक में जमीन और कोयला खनन का अधिकार राज्य सरकार को देने का प्रावधान है, लेकिन राज्य सरकार को नीलामी में सफल कंपनियों को लीज पर देने की शक्ति दी गई है।
क्रिप्टोकरेंसी और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा नियमन विधेयक को इस सत्र के लिए लिस्ट नहीं किया गया है। हालांकि, इसे लिस्ट ऑफ बिजनस में शामिल किया जा सकता है। इसका विधेयक का मकसद देश में सभी तरह की प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर रोक लगाना है। इनके अलावा, इस बार संसद में पेश होने वाले विधेयकों में बिजली (संशोधन) विधेयक, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, द कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट्स एंड कंपनी सेक्रेटरीज (अमेंडमेंट) बिल, द लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (अमेंडमेंट) बिल, भारत अंटार्कटिक विधेयक, केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, जंगल प्रबंधन संस्थान विधेयक, पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (अमेंडमेंट) बिल, डिपॉजिट इंस्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, भारतीय समुद्री मत्स्यपालन विधेयक, पेट्रोल एवं खनिज पाइपलाइन (संशोधन) विधेयक, इनलैंड वेसल्स बिल भी शामिल हैं।

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