मैनपुरी तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में अग्निकांड की घटनाएं शुरू हो गई हैं। वर्ष 2021 में अब तक 36 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं। अधिकांश जगह दमकल ने समय से पहुंचकर आग पर काबू पाया। अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं ने अग्निशमन विभाग की भी परेशानी बढ़ा दी है। क्योंकि वर्ष 2018 से विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। संसाधनों के अभाव के चलते आग बुझाने में समस्या आती है।
सिर्फ जिला मुख्यालय पर है 4500 लीटर क्षमता की दमकल
दमकल विभाग संसाधनों से जूझ रहा है। कई बार जनप्रतिनिधियों से भी विभाग ने मदद की गुहार लगाई, लेकिन मदद कहीं से नहीं मिली।
स्थिति यह है कि जिले में 4500 लीटर पानी की क्षमता की केवल एक ही दमकल है, जो जिला मुख्यालय पर तैनात है। इसके अलावा किशनी, करहल और बेवर 2500 लीटर क्षमता की दमकल तैनात हैं।
—–
– वर्ष 2020 में जिलेभर में 114 अग्निकांड की घटनाएं हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई।
– वर्ष 2021 में अभी तक 36 अग्निकांड की घटनाएं हुईं, जिसमें कोई भी जनहानि नहीं हुई।
– जनपद में जिला मुख्यालय के अलावा बेवर, किशनी और करहल में फायर स्टेशन हैं।
– कुल पांच फायर टेंडर उपलब्ध हैं, जिसमें एक एक 4500 लीटर व अन्य चार 2500-2500 लीटर के हैं।
—-
कर्मचारियों की तैनाती
पदनाम स्वीकृत पद तैनाती
सीएफओ 01 01
एफएसएसओ 06 02
एलएफएम 11 08
एफएससी 11 07
फायरमैन 85 48
उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने के हरसंभव प्रयास किए जाते हैं। पांच फायर टेंडर के अलावा चार पंपिंग मशीन भी उपलब्ध हैं। इनको आग लगने के दौरान इस्तेमाल में लाते हैं।
– यदुनाथ सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।














