नई दिल्ली ।वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी पर महीनों से जारी तनाव के बीच पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक मंच पर होंगे। दरअसल दोनों नेता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अध्यक्षता में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन एससीओ के राष्ट्रध्यक्षों की 20वीं बैठक में शिरकत करेंगे। इसमें पाकिस्तानी पीएम इमरान खान भी भाग लेंगे। शंघाई सहयोग सम्मेलन की यह तीसरी मीटिंग है जिसमें भारत पूर्ण सदस्य के रूप में भाग ले रहा है। गौरतलब है कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद दोनों देशों में विवाद चरम पर है। जिसके बाद भारत-चीन की कई दौर की विफल सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्व ने इस वर्चुअल समिट के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। श्रीवास्तव ने कहा, प्रधानमंत्री एससीओ के राष्ट्र प्रमुखों की परिषद के 20वें शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे जो 10 नवंबर को ऑनलाइन आयोजित होगा। बैठक की अध्यक्षता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन करेंगे। बता दें कि भारत, तजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं। ईरान, अफगानिस्तान, बेलारूस, रूस, चीन, पाकिस्तान, कजाकस्तान, किर्गिजस्तान और मंगोलिया ऑब्जर्वर के रूप में संगठन से जुड़े हैं। वहीं, अर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की डॉयलॉग पार्टनर के रूप में एससीओ के सदस्य हैं। इस बैठक में सभी सदस्य देश सुरक्षा, आतंकरोधी कार्रवाई, आर्थिक, मानवीय सहयोग महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। यहां अफगानिस्तान और मध्य-पूर्व की स्थिति पर खास फोकस रहेगा। सदस्य देश शिक्षा, विज्ञान, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बात करेंगे। इस दौरान 2021 को एससीओ देशों का सांस्कृतिक वर्ष घोषित किया जा सकता है।

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