नई दिल्ली। आयकर विभाग ने योगगुरु रामदेव की पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के लिए अच्छी खबर है। अब अगले 5 साल तक पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट को जो रकम दान में दी जाएगी, उस पर टैक्स छूट मिलेगी। इसकी जानकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नोटिफिकेशन के जरिए दी है। इस फैसले से रामदेव की पतंजलि रिसर्च को मिलने वाले दान में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। सीबीडीटी ने नोटिफिकेशन में कहा कि जो कंपनियां 2021-22 से 2026-27 के दौरान पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट को पैसा दान के तौर पर देंगी, वे उस पर कर छूट का दावा कर सकती हैं। सीबीडीटी ने बताया, ”केंद्र सरकार आयकर कानून, 1961 के उप-धारा (1) के उपबंध (2) के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान के लिये मेसर्स पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट, हरिद्वार को ‘रिसर्च एसोसएिशन’ की श्रेणी में रखे जाने को मंजूरी देती है। यह छूट आकलन वर्ष 2022-23 से 2027-28 के लिये लागू होगी। आपको बता दें कि आयकर नियमों के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए ‘अनुमोदित वैज्ञानिक अनुसंधान संघ’ को दी गई राशि को टैक्स के दायरे से बाहर रखने की अनुमति है। बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि समूह का टर्नओवर 30 करोड़ रुपये के पार, 3 से 4 साल में रुचि सोया को कर्ज मुक्त बनाने का लक्ष्य दंत मंजन से लेकर आटा, नूडल जैसे उत्पाद बेचने वाला पतंजलि समूह देश में दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों में तेज ग्रोथ हासिल करने वालों में से एक है। वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का कारोबार करीब 30,000 करोड़ रुपये रहा। इसमें रुचि सोया से होने वाला 16,318 करोड़ रुपये का कारोबार शामिल है। साल 2019 में पतंजलि समूह ने रुचि सोया का अधिग्रहण किया था।

Previous articleघटते-घटते फिर बढ़े कोरोना के नए मामले, 24 घंटे में 38792 नए केस
Next articleगलवान घाटी में फिर हुई चीनी सैनिकों से जवानों की झड़प

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here