नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर के कहर और कई राज्यों में पाबंदियों के बीच रेलवे ने बड़ा फैसला किया है। उत्तरी रेलवे ने 9 मई से राजधानी, शताब्दी, और दुरंतों एक्सप्रेस जैसी 28 जोड़ी ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। आदेश में कहा गया है कि उत्तरी रेलवे ने कम यात्रियों और कोविड केसों में इजाफे की वजह से इन ट्रेनों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है। इनमें 8 जोड़ी शताब्दी, 3 जोड़ी जनशताब्दी और दो-दो जोड़ी राजधानी और दूरंतो एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि ज्यादातर सीटें खाली चलने के मद्देनजर नई दिल्ली से हबीबगंज भोपाल, चंडीगढ़, कालका, अमृतसर, देहरादून, काठगोदाम जाने वाले 8 जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ियां, हजरत निजामुद्दीन से बिलासपुर और चेन्नई जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस, नई दिल्ली से देहरादून, कोटद्वार और चंडीगढ़ वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस, दिल्ली से जम्मू तवी और पुण जाने वाली दूरंतो एक्सप्रेस, नई दिल्ली से श्रीमाता वैष्णों देवी कटरा जाने वाले वंदे भारत एक्सप्रेस और श्रीशक्ति एक्सप्रेस ट्रेनें बंद रहेंगी। मध्य रेलवे ने भी 23 जोड़ी गाड़ियों को स्थगित करने का फैसला किया है जिनमें छत्रपति शिवाजी टर्मिनस- पुणे शताब्दी एक्सप्रेस, पुणे-नागपुर स्पेशल, दादर से शिरडी साईंनगर जाने वाली दो स्पेशल ट्रेनें एवं पंढरपुर स्पेशल गाड़ी शामिल हैं। इन ट्रेनों को जून के आखिरी सप्ताह तक के लिए स्थगित किया गया है। कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच विभिन्न जोनल रेलवे ने डेढ़ सौ से अधिक ट्रेनों के परिचालन को फिलहाल बंद किया है। पिछले साल भी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लागू लॉकडाउन के बाद पैसेंजर ट्रेनों को बंद कर दिया गया था। इस बार भी कोरोना केसों में तेजी के बाद ट्रेन सर्विस बंद होने की अटकलें लग रही हैं। हालांकि, रेलवे ने इन आशंकाओं को कई बार खारिज किया है।

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