नई दिल्ली । कोरोना से जूझ रहे भारत के लिए एक और अच्छी खबर आ रही है। रूस का सॉवरेन वेल्थ मैनेजमेंट फंड द रशियन डायरेक्टर इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) और भारत की एक जेनरिक फार्मास्युटिकल कंपनी हेटेरो ने एक समझौता किया है। इसके तहत कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पुतनिक-वी के 10 करोड़ से भी अधिक डोज हर साल भारत में बनेंगे। दोनों ही पार्टियां अगले साल यानी 2021 की शुरुआत से ही इसका उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही हैं। द गमलिया सेंटर और आरडीआईएफ ने 24 नवंबर को ही घोषणा कर दी थी कि 40 हजार वॉलिंटियर्स पर किए गए तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे पॉजिटिव आए हैं। इस ट्रायल से एक बार फिर स्पुतविक-वी वैक्सीन के अच्छे नतीजों पर मुहर लग गई है। बता दें कि स्पुतनिक-वी दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन है। नतीजों में 91.4 फीसदी एफिशिएंसी रेट देखने को मिला है।
स्पुतनिक-वी वैक्सीन के लिए अभी दुनिया भर के करीब 50 देशों से करीब 1.2 अरब से भी अधिक डोज के ऑर्डर आ चुके हैं। दुनिया भर में वैक्सीन की सप्लाई के लिए आरडीआईएफ के पार्टनर्स की तरफ से कोरोना वायरस वैक्सीन का प्रोडक्शन किया जाएगा, जैसे भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य देश। हेटरो लेब्स लिमिटेड के इंटरनेशन मार्केटिंग के डायरेक्टर बी. मुरली कृष्णा रेड्डी ने कहा आरडीआईएफ के साथ मिलकर कोरोना वायरस वैक्सीन को प्रोडक्शन का मौका मिलने से वह खुश हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग भारत में होगी तो इससे कोरोना वायरस के मरीजों तक ये वैक्सीन पहुंचाना आसान हो जाएगा। यह एग्रिमेंट भी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के हमारे कमिटमेंट को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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