फतेहपुर । फतेहपुर में रेप की शिकार हुई महिला एक बच्चे को जन्म देकर मां बन गई, लेकिन अब तक पुलिस आरोपी को नहीं पकड़ पाई। पीडि़ता के परिजनों का आरोप है कि यह बच्चा उसी बलात्कार का नतीजा है और पुलिस ने अभी तक इस बच्चे का डीएनए टेस्ट भी नहीं कराया है। इस क्रम में पीड़ित महिला एक बार फिर क्रांति फाउंडेशन की संचालिका सौम्या सिंह पटेल के साथ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के कार्यालय पहुंची और एसपी को शिकायती पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई। दरअसल, इस मामले में पीड़िता की नाबालिग बहन ने तहरीर दी थी कि उसकी 25 वर्षीय बड़ी बहन के साथ गांव के रामराज समेत कुछ लोगों ने बलात्कार किया है। इसके बाद उसकी बहन चार महीने की गर्भवती है। यह बात जब आरोपियों को पता चली तो उन्होंने किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की नाबालिग बहन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 19 जून को नामजद आरोपी रामराज व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। साथ ही पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और फिर 1 जुलाई 2020 को कोर्ट में 164 के तहत बयान कराया। शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि गांव के रामराज, विनोद व संतोष उसके घर आते थे और उसके साथ जोर जबरदस्ती करते थे। जब वह विरोध करती थी तो उसे जान से मारने की धमकी देते थे।
पीड़िता की बहन ने आगे बताया कि जब से मेरी बहन ने बच्चे को जन्म दिया है, तब से गांव के लोग भी हम सबको बहुत प्रताड़ित करते हैं। हैंडपंप से पानी भरने जाते हैं तो गांव के लोग छुआछूत और भेदभाव कर हम लोगों को टॉर्चर करते हैं। सौम्या सिंह पटेल ने बताया कि वारदात के बाद जब पीड़िता उनके संपर्क में आई तो वह उसे लेकर पुलिस अफसरों के पास पहुंचीं और मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन पीड़िता के प्रसव के चार महीने बाद भी पुलिस ने आज तक बच्चे का डीएनए टेस्ट तक नही करवाया है। पीड़िता के बच्चे की परवरिश रिश्तेदारों की देखरेख में की जा रही है। सौम्या ने कहा कि रेप पीड़िता वारदात से पहले मानसिक रूप से बीमार थी। इलाज के दौरान ही उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। वह पिछले 6 महीने से पीड़िता को लेकर पुलिस अफसरों के कार्यालयों का चक्कर काट रही है, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। वारदात के बाबत एडिशनल एसपी राजेश कुमार ने बताया कि थाना जाफरगंज इलाके में एक महिला से रेप का मामला संज्ञान में आया था। इस संबंध में थाने में पहले से ही मुकदमा दर्ज है। इस मामले में बच्चे के डीएनए टेस्ट की कार्रवाई अभी शेष है, जिसे पूर्ण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़िता या उसके परिजनों को ग्रामीणों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात को थाना प्रभारी ने गलत बताया है।














