मदरलैंड संवाददाता, बड़हरिया (सीवान)
बड़हरिया (सीवान) ।रमजान बकरत का महीना है। रमजान को तीन असरे में बांटा गया है। जिसका पहला आसरा रहमत का दूसरा आसरा मग़फ़ेरत तीसरा आसरा जहन्नुम से आजादी का। रमजान के पाक महीना में अल्लाह पाक ने कुरान को नाजिल फ़रमाया। कुरान पूरी दुनिया के लिए हिदायत नामा है। जिससे इंसानियत का सिख मिलता है। इस माह में रोजा रखना और नमाज पढ़ने सहित इबादत का बहुत बड़ा फजीलत है। अगर इंसान इस माह में एक रेकायत नफिल नमाज अदा करता है तो फर्ज के बराबर उसकी सवाब मिलता है। एक रेकायत फर्ज का सवाब 70 फर्ज के बराबर है। सभी बालिग पर रोजा फर्ज है। सबको रोजा रखनी चाहिए। रोजा रखने से शरीर स्वस्थ्य होता है और अनेकों बीमारियों से निजात मिलती है। इस कोरोना महामारी में इफ्तार और नमाज तरावीह में लॉकडाउन का पालन करते हुए सोसल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखकर इबादत करनी चाहिए। जिससे इस बीमारी का संक्रमण नहीं फैल सके। श्री खान ने सभी मुसलमान से रोजा रखना, सोसल डिस्टेंसिंग के साथ इबादत करने की अपील की।