नई दिल्ली। चीन एक तरफ भारत के साथ बातचीत में जुटा है तो दूसरी तरफ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर ताकत बढ़ाने में जुटा हुआ है। इस बीच, वायु सेना प्रमुख ने लद्दाख की रखवाली में जुटे पश्चिमी वायु कमान को पूरी तरह से तैयार रहने को कहा है। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ गतिरोध की स्थिति में तुरत-फुरत सक्रियता दिखाने के लिए पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) की सराहना भी की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वायु सेना प्रमुख डब्ल्यूएसी के शीर्ष कमांडरों के दो दिनी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यह कमान संवेदनशील लद्दाख क्षेत्र में और उत्तर भारत के अन्य अनेक हिस्सों में देश के वायु क्षेत्र की सुरक्षा संभालती है। एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कमांडरों को निर्देश दिया कि सभी प्लेटफॉर्म, वेपन सिस्टम (शस्त्र प्रणालियों) और संसाधनों को अभियानों के लिए सर्वोच्च स्तर पर तैयार रखा जाए। शुक्रवार को समाप्त हुए विचार-विमर्श के दौरान कमांडरों ने उत्तरी सीमा पर देश के सामने आने वाली सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। वायु सेना प्रमुख ने अपने बयान में उभरते सुरक्षा परिदृश्य का व्यापक विश्लेषण करने, अभियान संबंधी तैयारियों को बढ़ाने औक मजबूत भौतिक व साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार करने की जरूरत बताई। पिछले साल पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ने के बाद से भारतीय वायु सेना ने सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर और मिराज 2000 जैसे अपने अग्रिम पंक्ति के लगभग सभी लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया था। उसके साथ ही पूर्वी लद्दाख तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर प्रमुख वायु सेना केंद्रों में हमलावर हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए। उन्होंने पश्चिम वायु कमान के उड़ान सुरक्षा रिकॉर्ड की भी प्रशंसा की और सभी कमांडरों से सुरक्षित संक्रियात्मक वातावरण के लिए गंभीर प्रयास करते रहने का आग्रह किया।

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