नई दिल्ली । भारत ने कहा है कि वह विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के वैज्ञानिक अनुसंधान बजट में 10 लाख डॉलर की सहायता देगा। यह विश्व की अन्य सरकारों से कहीं अधिक है। भारत ने यह अनुदान उस समय दिया है जब राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) के निलंबन के कारण देश के डोपिंग रोधी कार्यक्रम पर प्रतिकूल असर पड़ा है। वाडा अगले साल की शुरुआत एनडीटीएल का निरीक्षण करेगा। इस प्रस्तावित धनराशि से वाडा को आधुनिक स्तर की डोपिंग रोधी परीक्षण और पहचान प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी। इस पैसे का इस्तेमाल वाडा के स्वतंत्र जांच और खूफिया विभाग को मजबूत करने के लिए भी किया जाएगा। खेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘भारत का यह योगदान दुनिया के अन्य देशों की सरकारों के बीच सर्वाधिक है जिसमें चीन, सऊदी अरब और मिस्र भी शामिल हैं।’’ सभी सदस्य देश जितना योगदान देंगे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) भी उनके बराबर योगदान देगा जिससे कि एक करोड़ डॉलर का कोष तैयार किया जा सके। खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने वाडा अध्यक्ष विटोल्ड बांका को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मुझे आप लोगों के साथ यह खबर साझा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत ने वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास के वाडा कोष में एकमुश्त 10 लाख डॉलर की वित्तीय समर्थन देने का वादा किया है और उम्मीद करते हैं कि भारत के इस योगदान से इस कोष के लिए एक करोड़ डॉलर के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों को तेजी मिलेगी।’’

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