नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह में शिरकत करेंगे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री विश्वविद्यालय की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर एक स्मारक सिक्का जारी करेंगे। इस अवसर पर वह एक विशेष स्मारक डाक टिकट और भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष कवर भी जारी करेंगे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित होंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय के नाम पर 100 रुपए का सिक्का जारी किया जाएगा। खास बात यह है कि मैसूर विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय तीसरा ऐसा विश्वविद्यालय होगा जिसके 100 वर्ष पूरे होने पर स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा। इस सिक्के को मुंबई में सरकारी टकसाल में ढाला गया है, यह लखनऊ विश्वविद्यालय के खजाने में एक संपत्ति होगी। सिक्का ढलाई में चांदी, कांस्य, तांबा और निकल का इस्तेमाल किया गया है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि बीकानेर के जाने-माने मुद्राविद सुधीर लूनावत के अनुसार, यह एक नॉन-सर्कुलेटिंग सिक्का होगा और इसमें वर्ष, 1920-2020 के साथ-साथ अंग्रेजी और हिंदी में उत्कीर्ण लखनऊ विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह होगा और केंद्र में विश्वविद्यालय का लोगो होगा।

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Next article(नई दिल्ली) लॉकडाउन में शुरू किया लड़कियों के फोन नंबर और फोटो का गंदा खेल नई दिल्ली (ईएमएस)। जहांगीरपुरी पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो युवतियों की फोटो से छेड़छाड़ कर ब्लैकमेल करता था और रुपये वसूलता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देशभर में सवा सौ से अधिक युवितयों को अपना शिकार बनाया है। डीसीपी विजंयता आर्या ने बताया कि जहांगीरपुरी निवासी पीड़िता ने 20 नवम्बर को थाने में एफआईआऱ दर्ज कराई थी। पेशे से एयर हॉस्टेस पीड़िता ने बताया कि उसकी फोटो से छेड़छाड़ कर कोई उन्हें व्हाट्स एप पर भेज रहा है। साथ ही 20 हजार रुपये नहीं देने पर इन फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने आईटी एक्ट एवं अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एसएचओ सुरिंदर संधु की देखरेख में इंस्पेक्टर वरुण दलाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। डीसीपी विजयंता आर्या ने बताया कि व्हॉट्सएप नंबर के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। फिर 21 नवम्बर को इंस्पेक्टर वरुण दलाल की टीम ने गुरुग्राम से शोएब अख्तर और नसीमुल अख्तर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी जब्बार फरार चल रहा है। जांच में मालूम हुआ कि शोएब अख्तर गिरोह का सरगना है। वह गुरुग्राम स्थित टीसी फाइनेंशियल कंपनी में काम करता था, लेकिन लाकडाउन में उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने गांव के लोगों के साथ मिलकर ब्लैकमेल करने का काम करने लगा। आरोपी ने बताया कि वह अब तक देशभर के सवा सौ से अधिक युवतियों को अपना शिकार बना चुका था। हालांकि डीसीपी ने बताया कि अब तक 45 लोगों ने पुलिस से संपर्क किया है। शिकार लोगों में इलाहाबाद की युवती भी है। आरोपियों के बैंक खाते में पुलिस को 12 लाख रुपये भी मिले हैं जो उसने ब्लैकमेलिंग से उगाहे थे।

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