नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरने में कांग्रेस कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती है। लोकसभा और राज्यसभा में बेहतर समन्वय के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दो समूह का गठन किया है। यह समूह रोजाना बैठक कर पार्टी की रणनीति तय करेंगे। लोकसभा में समूह की जिम्मेदारी संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी संभालेंगे। उनके उप नेता गौरव गोगोई, के सुरेश, मनीष तिवारी, शशि थरुर, रवनीत बिट्टू और मणिकम टगौर को शामिल किया गया है। बीच में अटकलें लगाई जा रही थी कि अधीर को हटाया जा सकता है। पर अब साफ हो गया है कि वह फिलहाल पद पर बने रहेंगे। राज्यसभा के लिए बनाए गए समूह में विपक्ष के नेता मल्लिकाजुर्नन खड़गे, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, अंबिका सोनी, पी चिदंबरम, दिग्विजय सिंह और केसी वेणुगोपाल शामिल हैं। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई पार्लियामेंट स्ट्रेटजी समूह की बैठक में पार्टी ने तय किया था कि वह किसान आंदोलन, महंगाई, सीमा की स्थिति और कोरोना से निपटने में विफलता को लेकर सरकार को घेरेगी। वहीं, संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्षी दलों ने अलग बैठक कर संसद में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत, महंगाई, किसान आंदोलन सहित कई मुद्दों पर विपक्ष और सरकार के बीच दो-दो हाथ होना तय माना जा रहा है। रविवार को विपक्ष की बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग(आईयूएमएल), आरएसपी, शिवसेना और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने भाग लिया। आरएसपी नेता प्रेमचंद्रन ने कहा कि पेट्रोल- डीजल की बढ़ती कीमतें, तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध अभी सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इन्हें विपक्ष सत्र के दौरान उठाएगा। उन्होंने कहा कि कई विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में किसानों के मुद्दे पर स्थगन नोटिस देंगे।

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