नई दिल्ली। पंजाब में चुनाव को लेकर शिरोमिण अकाली दल ने बड़ा ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को यह घोषणा की कि अगर उनकी पार्टी पंजाब में सत्ता में आती है तो यहां दो डेप्युटी सीएम बनाए जाएंगे। इनमें से एक पंजाबी हिंदू होगा और दूसरा डेप्युटी चीफ मिनिस्टर दलित समुदाय से होगा। उन्होंने कहा कि इससे शिरोमणि अकाली दल और बसपा के गठबंधन का सही प्रतिनिधित्व होगा। साथ ही यह पंजाबी एकता, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव का भी प्रतीक होगा। गौरतलब है कि शिरोमणि अकाली दल ने यहां पर बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। पार्टी की कोर कमेटी की मीटिंग की अध्यक्षता के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कहाकि हम समझते हैं कि यहां कुछ बाहरी ताकतें हैं जो पंजाब में संप्रदायों को आपस में लड़ाकर यहां शांति भंग करना चाहती हैं। हम यह बात सुनिश्चित करना चाहते हैं कि शिरोमणि अकाली दल प्रकाश सिंह बादल की राजनीति का अनुकरण करना जारी रखेगी। जिसके तहत सभी धर्मों का आदर और सम्मान किया जाता रहा है। हम सभी संप्रदायों को एकसूत्र में बांधकर रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बात को जेहन में रखते हुए ही हमने यह तय किया है कि है कि हमारे गठबंधन के सत्ता में आने पर एक डेप्युटी सीएम हिंदू समुदाय से रहेगा। दूसरा डेप्युटी सीएम दलित समुदाय से रखने के पीछे उन्होंने अन्य राज्यों की तुलना में यहां दलित आबादी ज्यादा होने का तर्क दिया। सुखबीर सिंह बादल ने इस दौरान इस बात की घोषणा की कि आगामी संसद सत्र में उनकी पार्टी स्थगन प्रस्ताव भी रखेगी। यह प्रस्ताव तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से शिरोमणि अकाली दल के प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील भी की। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पब्लिक व्हिप को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल उनकी पार्टी ने इन काले कानूनों का विरोध करने के लिए संसद में वोट किया था। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने तो कार्यवाही का बहिष्कार ही कर दिया था।














