तिरुवनंतपुरम कोच्चि । केरल सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (आर्थिक अपराध) की कोर्ट से संपर्क कर केरल सरकार को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश देने की मांग की है। स्वप्ना ने दावा किया है कि उसे जेल में धमकियां मिल रही हैं। इस सप्ताह के शुरू में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने स्वप्ना सुरेश और सरित पीएस को आठ दिसंबर तक सीमा शुल्क की हिरासत में भेजा था। मामले में कांग्रेस विधायक पीटी थॉमस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि एनआइए को इसकी सीधे जांच करनी चाहिए। जांच के समय पुलिस प्रमुख और डीजीपी (जेल) ऋषिराज सिंह को बदला जाना चाहिए। केरल के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा एनआइए की जांच में बाधा डालने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि न्यायिक हिरासत में रह रही स्वप्ना को मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना धमकी कैसे दी जा सकती है?
थॉमस ने कहा कि पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा मुख्यमंत्री के जासूस की तरह काम कर रहे हैं। स्वप्ना के लिए खतरा एक बहुत ही गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। डीजीपी (जेल) की चुप्पी एक अपराध है। संदेह है कि मुख्यमंत्री की ओर से स्वप्ना को पुलिस ने धमकी दी थी। थॉमस ने मुख्यमंत्री को मामले में अपना रुख स्पष्ट करने के लिए भी कहा। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अतिरिक्त निजी सचिव सीएम रवींद्रन को फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह पोस्ट कोरोना संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा समन भेजे जाने के बाद यह तीसरा मौका है जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केरल विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के आरोपों को निराधार कहकर खारिज किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उन पर सोना तस्करी मामले के आरोपितों की सहायता करने का आरोप लगाया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही नहीं हैं।

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