नई दिल्ली। पांच राज्यों में हार के कारणों की समीक्षा के लिए गठित समिति की रिपोर्ट सौंपने के बाद कांग्रेस में बदलाव की तैयारी है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी समिति की सिफारिशों पर अमल करते हुए कई प्रदेश कांग्रेस और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एआईसीसी में बदलाव कर सकती हैं। कई प्रदेशों में नए सचिव नियुक्त कर पार्टी ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के कारणों पर अशोक चव्हाण समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई होनी तय है। क्योंकि, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद सीडब्लूसी की बैठक में कहा था कि सही सबक लेने के लिए वास्तविकता का सामना करना होगा। ऐसे में उम्मीद है कि अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए पार्टी जल्द कदम उठाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव सातव की कोरोना से निधन के बाद गुजरात प्रभारी का पद भी खाली है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गुजरात प्रभारी पद के कई कई नामों पर चर्चा चल रही है, पर इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भूमिका अहम होगी। गहलोत गुजरात के प्रभारी रह चुके हैं और उनके प्रभार में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी आगामी चुनाव में भी उनके अनुभव का लाभ लेना चाहती है। इसलिए, उनकी पसंद अहम होगी। इसके साथ चुनावी हार वाले प्रदेशों के प्रभारियों में बदलाव की उम्मीद है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। कई प्रदेशों में भी नए अध्यक्षों की नियुक्ति होनी है। ऐसे में पार्टी प्रदेश में भी बदलाव कर सकती है। एआईसीसी में यह बदलाव वर्ष 2022 में होने वाले कई प्रदेशों विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किए जाएंगे।

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