एन-95 मास्क कोरोना से बचाव के साथ स्वास्थ्य के लिहाज से भी बहुत प्रभावशाली है
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में मास्क का एक नया बाजार खड़ा हो गया है। लोग सुरक्षा के लिहाज से कपड़े के मास्क, घर में बनाए गए मास्क और बाजारों में बिकने वाले सर्जिकल और एन-95 जैसे कई मास्क लगा रहे हैं। अब मास्क को लेकर हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि एन-95 मास्क कोरोना वायरस से बचाव के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिहाज से भी बहुत प्रभावशाली है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के मुताबिक एन- 95 फेस मास्क, सर्जिकल मास्क की तुलना में ज्यादा बेहतर है, क्योंकि यह लगभग 98 फीसदी तक बाहर से अंदर तक फैलने वाले जीवाणु संक्रमण को रोकने में सक्षम है।
इस मास्क की अन्य विशेषताओं में इसका अच्छी तरह से फिट होना और हवा में मौजूद 95 फीसदी छोटे कणों को शरीर में घुसने से रोकना शामिल है। सबसे अहम बात यह है कि एन-95 मास्क ज्यादा समय तक चलता है और कोरोना वायरस के आतंक से बचाने में मददगार साबित हो सकता है। अध्ययन में बताया गया है कि जो लोग कोरोनावायरस से बचने के लिए मुंह पर कपड़ा लपेट रहे हैं उससे हवा में फाइबर की मात्रा बढ़ रही है। इधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना वायरस से बचाव में एन-95 मास्क को सबसे सुरक्षित बताया गया है। इसके साथ ही थ्री प्लाई मास्क को भी संगठन ने बेहतर माना है। एन-95 और थ्री प्लाई दोनों ही डिस्पोजेबल मास्क हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए कई देश सार्वजनिक स्थानों पर मास्क के उपयोग को अनिवार्य कर चुके हैं। गौरतलब है कि महामारी शुरू होने के बाद से ही कई तरह के मास्क की प्रभावशीलता को लेकर परीक्षण किया जा रहा है।














