• होटल प्रबंधन पर मामले को दबाने परिजनों ने लगाया आरोप

बिलासपुर। जलसो निवासी संतोष कौशिक और मृतक की पत्नी ने हॉटल शिवा इन प्रबंधन पर सागर प्रसाद की मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। सागर कश्यप का भाई संतोष कौशिक और सागर की विधवा ने पुलिस कप्तान से मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।जलसो निवासी संतोष कौशिक ने पुलिस कप्तान, आईजी और डीजीपी से लिखित में बताया कि उसका भाई सागर प्रसाद कश्यप चकरभाठा थाना क्षेत्र के हॉटल शिवा इन में हाईकीपिंग का काम करता था। हॉटल प्रबंधन सागर से हाउस कीपिंग के अलावा अन्य काम करवता था। खासकर लाइट का काम सागर कश्यप से ही करवाया जाता था। सागर ने कई बार हॉटल प्रबंधन को बताया कि उसे बिजली के काम का अनुभव नहीं है।
बावजूद इसके हाटल मालिक सागर से ही बिजली का काम करने को कहता सागर की विधवा पत्नी और संतोष कौशिक ने लिखित शिकायत समेत पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर बताया कि हमेशा की तरह हाटल मालिक ने सागर पर दबाव डाला। और 1 नवम्बर को बिजली का काम करने को कहा। मना करने के बाद भी सागर को बिजली की समस्या को दुरूस्त करने को कहा। नहीं करने पर हमेशा की तरह मालिक ने सागर को नौकरी से निकालने की धमकी दी। बिजली बनाने के दौरान सागर बिजली के तार से चिपक गया। और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। सागर का भाई और विधवा प्रमिला ने जानकारी दी कि हॉटल प्रबंधन अब घटना को दबाने का प्रयास कर रहा है। सात दिन गुजरने के बाद पुलिस ने अभी तक सागर के मौते के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की है। यहां तक कि किसी भी प्रकार की पूछताछ भी नही हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भी जानकारी नहीं दी जा रही है। बताया जा रहा है कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आया है। सागर की विधवा पत्नी ने बताया कि हॉटल प्रबंधन की तरफ से उनके परिवार पर मुंह बन्द रखने की धमकी दी जा रही है। लगातार दबाव बनाया जा रहा है। चूंकि सागर कश्यप घर का कमाऊ पूत था। उसकी मौत के बाद घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। इसलिए पुलिस प्रशासन से गुहार है कि परिवार को ना केवल आर्थिक मदद किया जाए। बल्कि सागर की मौत के लिए जिम्मेदार हाटल मालिक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सागर की मौत पर परदा डालने वालों पर भी पुलिस एक्शन लिया जाए। जबकि सभी लोग जानते थे कि सागर को बिजली का काम नहीं आता था। बावजूद इसके मृतक से हाउस कीपिंग के अलावा बिजलाी का काम लिया जाता था। जरूरी है कि मौत की जांच हो।

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