नई दिल्ली । जल शक्ति मंत्रालय की ओर से 11 और 12 नवंबर को वर्ष 2019 के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) दिया जाएगा। यह मंत्रालय द्वारा दिया जा रहा दूसरा राष्ट्रीय जल पुरस्कार है। पुरस्कार वितरण समारोह (सुबह 11 से 1 बजे) वर्चुअल तरीके से आयोजित किया जाएगा। यह पुरस्कार जल संसाधन संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों/संगठनों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है। इसके माध्यम से लोगों में जल के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और उन्हें जल के इस्तेमाल के बेहतरीन तरीके अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया है। विभिन्न श्रेणियों में दिए जाने वाले इस पुरस्कार के तहत विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी और नकद राशि दी जाएगी।
राष्ट्रीय जल पुरस्कार का उद्देश्य जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों और प्रयासों के साथ ही जलसमृद्ध भारत के सरकार के दृष्टिकोण पर मुख्य रूप से ध्यान केन्द्रित करना है। पुरस्कार समारोह जल क्षेत्र से जुड़े विषयों पर स्टार्ट-अप के साथ-साथ अग्रणी संगठनों को जुड़ने और विचार करने का एक अच्छा अवसर प्रदान करता है। यह आयोजन सभी लोगों और संगठनों की एक मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने और जल संसाधन संरक्षण और प्रबंधन गतिविधियों में हितधारकों को जोड़ने के लिए एक बेहतर मौका देता है। राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2019 की शुरूआत सितंबर 2019 माइ गॉव पोर्टल केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के ईमेल के माध्यम से की गई थी। पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर, 2019 तक कुल 1112 वैध आवेदन प्राप्त हुए थे। विजेताओं के चयन के लिए शशि शेखर, पूर्व सचिव, डीडब्ल्यूआर, आरडी और जीआर की अध्यक्षता में एक जूरी समिति का गठन किया गया। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड और केंद्रीय जल आयोग के सदस्यों के साथ दो स्क्रीनिंग समितियों ने जूरी समिति को आवेदनों के अध्ययन में सहायता की।














