बेंगलुरू । भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर नेहा गोयल ने कहा है भारतीय टीम का लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतना है। इसलिए टीम पिछले साल की तरह ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती रहेगी। नेहा ने कहा, ‘इस समय हमारा ध्यान केवल ओलंपिक पर है। इसी कारण हम पिछले कुछ महीनों से अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अगले कुछ महीनों में अपने खेल को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे।’ इस युवा खिलाड़ी ने कहा, ‘हाल के वर्षों में हमने शीर्ष टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया है जिससे ओलंपिक में पदक जीतने का हमारा भरोसा बढ़ा है। हमारा आखिरी लक्ष्य यही है।’ नेहा ने कहा कि हॉकी में करियर बनाने के लिए उन्हें बचपन से ही काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह वास्तव में कठिन था। जब मैं पांचवीं कक्षा में थी, तब मैंने हॉकी खेलना शुरू किया था। मेरी मां हमें पर्याप्त भोजन करने के लिए दिन-रात मेहनत करती थी। ऐसे में मेरे उपकरणों के लिए कुछ पैसे बचाना बहुत मुश्किल था।’
भारत की पूर्व कप्तान प्रीतम रानी सिवाच से प्रेरित रही नेहा ने कहा, ‘बचपन में अखबार में उनकी तस्वीर देखकर मैं स्थानीय मैदान में उनका खेल देखने जाती थी। उन्होंने मुझ से एक दिन मैदान आने का कारण पूछा तब मैंने कहा कि मैं भी खेलना चाहती हूं।’ साथ ही कहा कि मेरे माता-पिता मेरे लिए हॉकी का सामान नहीं खरीद सकते थे तब प्रीतम दीदी ने मुझे सामान उपलब्ध कराया और मुझे अपने खेल में कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। मैं उसके समर्थन के कारण ही आज यहां तक पहुंची हूं।

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