पटना से चली हलचल पर दिल्ली में लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान को मां रीना पासवान को राज्यसभा चुनाव में उतारने का फैसला लेना है। चिराग का यह निर्णय उनको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हनुमान होने की पहली अग्निपरीक्षा से गुजारेगा। दूसरी अग्निपरीक्षा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की होगी कि वह अपने मित्र, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को राज्यसभा में जितवाकर भिजवाएं। सबसे दिलचस्प है तेजस्वी का अपने राजनीतिक बड़े भाई चिराग से तालमेल। चिराग के करीबी सूत्र बताते हैं कि दोनों में लगातार संवाद की स्थिति रहती है। जिस तरह से तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला और नीतीश कुमार ने आपा खोया, उससे चिराग पासवान के दिल को काफी ठंडक पहुंची है।
कुल्हड़ में चाय
देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही प्लास्टिक के कप नदारद हो जाएंगे। इनकी जगह अब कुल्हड़ में ही चाय मिलती दिखेगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को इसकी घोषणा की है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अब देश के हर रेलवे स्टेशन पर चाय प्लास्टिक कप के बजाय इको फ्रेंडली कुल्हड़ों में बेची जाएगी। इस तरह का प्रयोग रेल मंत्री रहते लालू यादव भी कर चुके हैं मगर उनके पद से हटते ही व्यवस्था बंद हो गई। इसलिए बेहतर होगा कि योजना पर लंबे समय तक क्रियान्वयन किया जाए।
शाह की मंशा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को हैदराबाद पहुंचे। नगर निगम चुनाव में प्रचार करने करने पहुंचे शाह ने सिकंदराबाद में रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की केसीआर सरकार पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा-हम निजाम संस्कृति से मुक्त कर एक अच्छा शहर देना चाहते हैं। इस बार हैदराबाद का मेयर हमारी पार्टी से होगा। ऐसा कहकर शाह क्या संदेश देना चाहते हैं। क्या हैदराबाद भाग्यनगर हो जाएगा। हैदराबाद का नाम बदलने की मांग भाजपा काफी दिनों से कर रही है।
मंथन में जुटी सरकार
किसानों को देश भर के समर्थन मिलना आरंभ हो गया है। सरकार इसको लेकर काफी संवेदनशील हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बारे में वरिष्ठ सहयोगियों से चर्चा की है। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कृषि मंत्रालय के अधिकारी किसानों के मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि सरकार किसानों की मांगों पर उन्हें सकारात्मक भरोसा दिलाने के लिए संवेदनशील है। अधिकारी ने बताया कि किसान आंदोलन को लेकर गलत संदेश प्रसारित किया जा रहा है।














