नई दिल्ली । देश में कृषि कानूनों के विरोध में एक तरफ किसान दिल्ली और उससे सटी राज्य सीमाओं पर डेरा जमाए हैं। वहीं इनके समर्थन में कई हस्तियां सामने आ रहा हैं और अवार्ड वापसी का सिलसिला भी चल पड़ा है। इस कड़ी में अब पंजाब के पटियाला में पंजाब होम गार्ड्स के एक सेवानिवृत्त कमांडेंट राय सिंह धालीवाल ने प्रदर्शनकारी किसानों के साथ एकजुटता के साथ अपना राष्ट्रपति पदक वापस करने की घोषणा की है।
इससे पहले एनडीए से अलग हो चुके शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने किसानों के समर्थन में अपना पद्म विभूषण पुरस्कार लौटा दिया है। उनके अलावा पार्टी के राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी इन कृषि कानूनों के विरोध में अपना पद्म भूषण पुरस्कार लौटाने का ऐलान कर दिया है।
राष्ट्रीय बॉक्सिंग टीम के पूर्व कोच गुरबक्श सिंह संधू ने कहा कि अगर नए कृषि नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह अपना द्रोणाचार्य अवॉर्ड लौटा देंगे। गौरतलब है कि किसान आंदोलन का कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकला, तो अभी यह लिस्ट और लंबी हो सकती है। बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को करीब तीन पन्ने का पत्र लिखते हुए कृषि कानूनों का विरोध किया था। बादल ने किसानों पर हुई पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और अपने पद्म विभूषण सम्मान को लौटाने की घोषणा की। बादल ने पत्र में लिखा था, ‘मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं है, मैं जो भी हूं किसानों की वजह से हूं। ऐसे में अगर किसानों को अपमान हो रहा है, तो किसी तरह का सम्मान रखने का कोई फायदा नहीं है।

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