हैदराबाद । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस का जहाज डूब रहा है। इसलिए वह किसानों को भ्रमित करके अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रही है। हैदराबाद स्थिति भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री चौहान ने 2011 में लिखा गया शरद पवार का एक पत्र दिखाते हुए कहा कि उस समय शरद पवार ने मॉडल एपीएमसी एक्ट को लागू करने और स्टेट एपीएमसी एक्ट्स में संशोधन के लिए कहा था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी एपीएमसी मॉडल का समर्थन किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इससे सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में एपीएमसी एक्ट में संशोधन करने का वादा किया था। 2019 के चुनावी घोषणापत्र में कांग्रेस ने 11वें पॉइंट में स्पष्ट लिखा है कि कांग्रेस एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी एक्ट को निरस्त कर देगी। जिसमें निर्यात और अंतर्राज्यीय व्यापार भी शामिल होगा। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट (ईसीए) को नए कानून मे लाने की बात कही थी। इसे भी उनके मेनीफेस्टो में देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 दिसंबर 2013 का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा था कि फलों और सब्जियों को एपीएमसी एक्ट से बाहर करने का ऐलान किया था, ताकि किसान अपनी पैदावार जहां चाहें बेच सकें। जब आज हमारी सरकार वही कर रही है, तो कांग्रेस किसानों को भड़काने में लगी है। शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों को मंडी के बाहर अपनी फसल को बेचने का प्रावधान किया है, यह बात कांग्रेस बरसों से कहती रही है।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल तो बिन पेंदी के लोटा है, कब कहां चले जाएं पता नहीं, केजरीवाल सरकार ने 23 नवंबर 2020 को कृषि सुधार कानून को दिल्ली में नोटिफाई किया था लेकिन आज विरोध कर रहे हैं। मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर योगेंद्र यादव के स्वराज अभियान ने सरकार पर एपीएमसी में सुधार से हाथ खींचने का आरोप लगाया था, लेकिन जब संशोधन हुए हैं तो वे विरोध कर रहे हैं। अकाली दल, समाजवादी पार्टी, शिवसेना, टीएमसी जैसी पार्टियां पहले समर्थन कर रही थी लेकिन अब विरोध कर रही हैं। कांग्रेस का काम तो आग लगाने, भ्रम फैलाने का है।

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