नई दिल्ली । एलएसी पर टेंशन के बीच भारतीय नौसेना ने दुश्मन के ड्रोनों को मार गिराने के लिए इज़राइल से हथियार प्रणाली खरीदने के अनुबंध को अंतिम रूप दे दिया है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि ‘स्मैश’ (एसएमएएसएच) 2000 प्रणालियों के अगले साल के शुरू में मिलने की उम्मीद है। फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि नौसेना इस तरह की कितनी प्रणालियों को खरीद रही है। इससे पहले भारत ने अमेरिका से लीज पर 2 प्रीडेटर ड्रोन हासिल किए हैं। नेवी इन ड्रोन्स का इस्तेमाल हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी के लिए करेगी। इसे पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भी तैनात किया जा सकता है। सी गार्जियन प्रीडेटर ड्रोन्स को अमेरिकी कंपनी जनरल ऐटॉमिक्स बनाती है जो एक बार में लगातार 37 घंटे उड़ान भर सकते हैं। यह समंदर में हो रही हर हलचल पर नजर रखेंगे और इंडियन नेवी को अपने दुश्मनों पर बढ़त लेने में मददगार होंगे।

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