नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन से सफर करने के लिए अब सरकार ने फास्टैग प्रणाली को जरूरी कर दिया है। इसलिए सभी मोटर वाहनों के विंड स्क्रीन पर फास्टैग करीब-करीब लग गया है। लेकिन, कभी-कभी फास्टैग से डबल टोल कटौती या गलती से कटौती की शिकायत भी आती है। ऐसे में आपको अब गलती से कटी राशि वापस मिल जाएगी। एनसीआर का लॉजिस्टिक स्टार्टअप व्हील्स आई ने आईडीएफसी बैंक के साथ मिलकर गलती से हुई फास्टैग कटौती के लिए तुरंत सूचना अलर्ट और फटाफट पैसे वापस करने की सुविधा शुरू की है। इस सुविधा से उन लाखों ट्रक मालिकों को फायदा मिलेगा, जो अब तक एक्स्ट्रा टोल कटौती झेल रहे हैं।
व्हील्स आई के अनुसार, उनका आधुनिक फास्टैग मैनेजमेंट सिस्टम की सहायता से गलत टोल कटौती का ऑटोमेटिकली पता लगाया जाएग। यदि गलती से किसी का टोल कट गया हो तो ऐसी सूरत में 3 से 7 दिनों के भीतर पैसा वापस मिल जाएगा। इससे पहले मोटर वाहन वालों को गलत टोल कटौती की शिकायत दर्ज करनी होती थी। शिकायत दर्ज होने के बाद पैसे वापसी की प्रक्रिया में तक़रीबन 30 दिन लगते थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस समय रोज़ाना लगभग 70 करोड़ रुपये टोल का भुगतान फास्टैग से होता है। इनमें से लगभग 60 करोड़ रुपये केवल कमर्शियल ट्रक वाहन मालिकों द्वारा दिया जाता है। व्हील्स आई द्वारा किए गए हालिया सर्वेक्षण में बताया गया है कि रोजाना टोल भुगतान के तक़रीबन 3 फीसदी मामलों में टोल गलती से ज्यादा काटा गया होता है और ज्यादातर ट्रक मालिक फास्टैग सिस्टम की त्रुटि का खामियाजा भुगत रहे होते हैं। और तो और, परेशानी तब बाद जाती है जब गलत टोल कटने पर सुनवाई भी तेजी से नहीं होती।

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