मैनपुरी किशनी पति और पत्नी के अटूट रिश्ते को तार तार कर पत्नी के साथ अमानवीय व्यवहार करने बाले पति परमेश्वर का घर छोड कर पत्नी ने मायके जाने में ही अपनी भलाई समझी। मायके जाने से पूर्व पीडिता थाने आई तो पुलिस कर्मी फरिश्ते बनकर सामने आये और उसकी आर्थिक मदद की।
अंजली पत्नी मनोज यादव निवासी मनपुरा रामनगर कडकडाती सर्दी के दौरान गांव खडसरिया के पास एक होटल में बैठी कंपकपा रही थी साथ ही उसके तीन बच्चे भी सर्दी में ठिठुर रहे थे। लोगों ने जब उसे देखा तो महिला ने सारी बातें उन्हैं रो रोकर बताई। कुछ लोग उसे थाने लेआये। थाने आकर महिला सीओ अमरबहादुर से मिली और बताया कि मूलतः वह बिहार राज्य के जिला नालंदा,थाना चण्डी,गांव हिलसा की रहने बाली है। करीब सात वर्ष पूर्व उसकी शादी क्षेत्र के गांव मनपुरा निवासी मनोज यादव पुत्र अतरसिंह के साथ हुई थी। उसके मनोज से तीन बच्चे भी हैं। अंजली का कहना है कि उसका पति उसे हमेशा लाठी से मारता पीटता है। पति की मसारपीट से परेशान होकर वह रात को घर छोड कर चली आई। उसके पास मात्र पचास रूपये हैं। वह इटावा पहुंच जाये तो रेल में बैठ कर बिना टिकिट ही पटना चली जायेगी और वहां से किसी भी तरह अपने मायके चली जायेगी। महिला का कहना था कि उसके बारे में कोई उसके पति को न बताये अन्यथा वह आकर मीठी मीठी बातें कर उसे घर ले जायेगा और फिर से मारपीट करेगा। सीओ तथा इंस्पेक्टर अजीत सिंह सहित कई अन्य पुलिस कर्मियों ने उसकी आर्थिक मदद भी की और होमगार्ड द्वारा उसे इटावा जाने बाली बस पर बिठा दिया।














