रामाकोना। सावित्रीबाई फुले की जयंती पर ग्राम रोहना में एक व्याख्यान हुआ। 21 वीं सदी की सावित्री कैसी हो विषय पर हुए कार्यक्रम को तर्कशील विचार समिति,स्वीकृति महिला स्व सहायता समूह ने ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित किया। पूर्व सरपंच विठाबाई चिंतामण भोयर की उपस्थिति में हुए कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पीकेएस गुर्वे थे। मुख्य वक्ता गुर्वे ने विस्तार से विचार रखते हुए कहा कि पहले हमें तथाकथित, प्रस्थापित विचारवादी, परंपरागत स्थापित व्यवस्था की मानसिक गुलामी से मुक्त होना होंगा। हमे अपनी वैचारिक सोच बदलने की आवश्यकता है। पुरोगामी विचार धारा के समाज सेवकों के समजा जागरण का ही परिणाम है कि बहुजन वर्ग मानसिक गुलामी से मुक्त हो वैचारिक आंदोलनों में शामिल हुआ और समाजिक विकास और न्याय की मुख्य धारा से जुड़ पाया है।
कार्यक्रम में सरपंच लक्ष्मण उईके, शिक्षा विभाग से बीआरसी भास्कर गांवडे, जनपद पंचायत सदस्य सुमन दिनकर पातुरकर, सुवर्णा ठाकुर सविता कापसे सामाजिक कार्यकर्ता रत्नमाला पिसे, पंकज ठाकरे, मोटिवेटर मधुकर गायकवाड, दिनकर पातुरकर, चंद्रकांत नाचनकर, वरिष्ठ जनार्धन कापसे, भाउराव डोईजड, युवा कार्यकर्ता योगेश गौतम आदि उपस्थित थे। थे। स्व सहायता समूह प्रमुख सविता कापसे ने आयोजन के संबंध में विचार रखे। कार्यक्रम में बीकॉम कम्प्यूटर एप्लीकेशन के अंतिम वर्ष में कॉलेज टापर रही श्वेता गुर्वे का विविध संगठनों की ओर सम्मान किया गया। मधुकर गायकवाड ने घोषणा की कि वे अपनी कोचिंग क्लासेस में कुमारी राधिका चौधरी एवं कुमारी अश्विनी भास्कौरे सहित ग्राम रोहना से कक्षा 12 वीं में प्रथम आने वाली छात्रा को नि:शुल्क कोचिंग देंगे।














