नई दिल्ली। भारत में जल्द ही विदेशों की कोरोना वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी जा सकती है। इन सभी टीकों की दो खुराकें लेनी होती हैं। इस बीच टीका बनाने वाली बड़ी कंपनियों में से एक फाइज़र के सीईओ एल्बर्ट बॉर्ला ने कहा है कि उनकी कोविड-19 वैक्सीन लेने वालों को टीका लेने के 12 महीने के अंदर एक ‘बूस्टर डोज’ भी लेना पड़ेगा। इसका सीधे यह अर्थ हुआ कि फाइज़र की वैक्सीन लेने वालों को तीन खुराकें दी जाएंगी।
एल्बर्ट ने कहा कि यह संभव है कि लोगों को कोरोना वायरस के खिलाफ हर साल टीका लेना पड़ेगा।एक कार्यक्रम के दौरान एल्बर्ट ने कहा, ‘यह संभव है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें लेने के 6 से 12 महीनों के अंदर ही तीसरी डोज लेनी पड़े। हो सकता है कि हर साल कोरोना का टीका भी लेना पड़े लेकिन अभी इसकी पुष्टि की जानी बाकी है। एक बार फिर से यह कहना चाहूंगा कि इसमें कोरोना के वेरिएंट्स की एक बड़ी भूमिका होगी। शोधकर्ता अभी तक यह पता नहीं लगा सके हैं कि कोरोना टीका लेने के कितने समय बाद तक किसी व्यक्ति में प्रतिरोधक क्षमता रहेगी। इससे पहले फाइजर ने कहा था कि उसका टीका कोरोना से बचाने में 91 प्रतिशत असरदार है। कंपनी ने कहा थी कि टीके की दोनों खुराकें लेने के 6 महीने बाद तक यह गंभीर बीमारी से रक्षा करता है।

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