नई दिल्ली। कोरोना वायरस कहर के बीच एक राहत की खबर है। मॉडर्ना द्वारा तैयार कोविड बूस्टर डोज कोरोना के नए स्वरूपों से बचाने में मदद करेगी। ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में सफल परीक्षण के बाद यह पाया गया है। यह परीक्षण एक यूएस बायोटेक फर्म ने इसी साल के शुरुआत में शुरू किया था। फर्म ने कुछ खास परिणामों के आधार पर कहा कि कोरोना वायरस के मौजूदा स्वरूपों को टीके द्वारा तोड़ा जा सकता है। चूहों के बाद इंसानों पर पहले परीक्षण के परिणाम आशाजनक रहे हैं। इस बूस्टर डोज का परीक्षण करने के लिए 40 ऐसे लोगों को चयन किया गया जिनको छह से आठ माह में मॉडर्ना टीके के दो डोज लगीं। इनके इम्यून द्वारा बनाए गए एंटीबॉडीज का भी परीक्षण किया गया, वायरस को बांधते हैं। परिणामों से पता चला कि सिर्फ आधे ही ऐसे लोग है जिनमें दो वेरिएंट के खिलाफ एंटीबॉडीज है। इसके बाद फिर इन्हें मूल मॉडर्ना वैक्सीन दी गई। पाया गया कि बूस्टर डोज लेने के 15 दिन बाद एंटीबॉडीज का उत्पादन हुआ। कोरोना बूस्टर डोज को इसके नए स्वरूपों पर प्रभावी होने का दावा करते हुए मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बैंसेल कहते हैं कि हम इसके आंकड़ों को देखकर बहुत उत्साहित हैं। इसके साथ ही हमारा पूरा विश्वास है कि यह कोरोना के नए स्वरूपों से बचाने में कारगर साबित होगी। फिलहाल कुछ साइड इफेक्ट भी जरूर देखने को मिले। इसमें सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द और थकान शामिल हैं।

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