नई ‎दिल्ली। एसी और एलईडी लाइट के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना में परियोजना को लेकर जमीन और इमारत में निवेश शामिल नहीं होगा। इस आधार पर कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए कंपनी की पात्रता पर विचार नहीं किया जाएगा। यह उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सामान (केवल एयर कंडीशन और एलईडी लाइट) के लिए पीएलआई योजना को लेकर जारी दिशानिर्देश का हिस्सा है। योजना का लाभ उठाने के लिए केवल पात्र आवेदक ही आवेदन कर सकते हैं। दिशानिर्देश पात्रता निर्धारित करने के लिए निवेश मानदंड निर्धारित करता है। इसमें कहा गया है कि योजना के तहत लाभ के लिए पात्रता उत्पादों की बिक्री में वृद्धि सीमा पर निर्भर करेगा और इसके लिए आधार वर्ष 2019-20 रखा गया है। परियोजना या इकाई के लिए आवश्यक भूमि और भवन में निवेश योजना के दायरे में नहीं आएगा और इसलिए योजना के तहत पात्रता निर्धारित करने के लिए उस पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, उपभोग योग्य सामग्रियों और विनिर्माण के लिए प्रयुक्त कच्चे माल पर व्यय को निवेश के रूप में नहीं माना जाएगा। संबंधित उत्पादों के निर्माण के लिए किसी भी पुराने, प्रयुक्त नवीनीकृत संयंत्र, मशीनरी या उपकरण का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसी तरह प्रतिबद्ध निवेश का 15 प्रतिशत तक ही अनुसंधान व विकास पर खर्च किया जा सकेगा। आवेदन के लिए 15 जून से 15 सितंबर 2021 तक आवेदन किए जा सकेंगे। सरकार इस योजना में 2021-22 से 2028-29 के बीच लागू की जाएगी। इसके लिए 6,238 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

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